ब्यूरो रिपोर्ट: पप्पू कुमार चौहान, सीतापुर ✍️
सीतापुर। विकास खंड सकरन में आंगनवाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए आने वाली पोषण सामग्री की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकारी रिफाइंड सोयाबीन तेल और अन्य खाद्य सामग्री को अवैध रूप से बेचकर बाजार में उपयोग किया जा रहा है।
मामला ग्राम पंचायत रसूलपुर बकइया का है, जहां ईदगाह पर लगे मेले में एक दुकान पर जलेबी बनाने के दौरान बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग उत्तर प्रदेश का फोर्टिफाइड रिफाइंड सोयाबीन तेल इस्तेमाल करते हुए पाया गया। मेले में मौजूद लोगों के अनुसार, हजारों की भीड़ के बीच दुकानदार खुलेआम सरकारी तेल का उपयोग कर रहा था।
पूछताछ में दुकानदार ने बताया कि बाजार में मिलने वाला रिफाइंड तेल महंगा पड़ता है और उससे मिठाई की गुणवत्ता भी बेहतर नहीं होती, जबकि आंगनवाड़ी केंद्रों से मिलने वाला तेल सस्ता होने के साथ बेहतर परिणाम देता है, इसलिए उसका उपयोग किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सकरन ब्लॉक के कई गांवों में आंगनवाड़ी केंद्रों पर आने वाली सामग्री जैसे सोयाबीन तेल, चने की दाल और दलिया की कालाबाजारी की जा रही है। यह सामग्री खुलेआम बाजारों और चौराहों पर बेची जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, लालपुर बाजार क्षेत्र में कुछ व्यापारियों के पास बड़ी मात्रा में इस तरह की सामग्री का स्टॉक मौजूद है, जहां सरकारी पैकेटों को खोलकर तेल को पीपों में भरकर बेचा जा रहा है।
इस संबंध में सीडीपीओ शबीना फातिमा ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है और जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला पोषण योजनाओं में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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