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सकरन में गुटखा ‘सिंडिकेट’ का खेल उजागर, कीमतों में भारी बढ़ोतरी से जनता परेशान

 

ब्यूरो रिपोर्ट: सुधीर सिंह कुम्भाणी, सीतापुर

Sakran / Sitapur। सकरन क्षेत्र में इन दिनों गुटखा और पान मसाला की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि से आम उपभोक्ता और छोटे दुकानदार दोनों ही परेशान हैं। स्थानीय स्तर पर थोक विक्रेताओं के गठजोड़ के चलते बाजार में कृत्रिम संकट पैदा किए जाने के आरोप लग रहे हैं।

जानकारी के अनुसार सांडा, महराजनगर, मोहलिया, कोंसर, ओड़ा झार, गोडियन पुरवा, कम्हरिया, बबौर, गजनीपुर और हरैया सहित कई इलाकों में गुटखा और पान मसाला के दाम बीते लगभग 90 दिनों में दोगुने तक बढ़ गए हैं। जहां पहले ₹130 से ₹140 तक बिकने वाला पैकेट अब ₹240 से ₹250 या उससे अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाजार में वस्तुओं की वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि कुछ डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा गोदामों में माल रोककर कृत्रिम कमी पैदा की जा रही है, जिससे ऊंचे दाम वसूले जा सकें। इस स्थिति का सबसे अधिक असर छोटे दुकानदारों पर पड़ रहा है, जिन्हें महंगे दाम पर माल खरीदना पड़ रहा है और ग्राहकों के विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है।

जब दुकानदारों द्वारा कीमतों में बढ़ोतरी का कारण पूछा जाता है, तो उन्हें कंपनी द्वारा रेट बढ़ाने की बात बताई जाती है। हालांकि उपभोक्ताओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या कंपनियां इतनी कम अवधि में कीमतों को दोगुना कर सकती हैं, या फिर यह स्थानीय स्तर पर कालाबाजारी का मामला है।

मामले को लेकर प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि थोक विक्रेताओं के गोदामों की जांच की जाए, दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए कौन से उपाय किए जाते हैं।

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