Breaking News

प्रशिक्षित और अनुशासित कार्यकर्ता ही संगठन की असली ताकत — डॉ. राजेश्वर सिंह

 



ब्यूरो रिपोर्ट: शशांक मिश्रा

लखनऊ, 11 अप्रैल 2026। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में “पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026” का शुभारंभ उत्साह एवं गरिमा के साथ किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से आयोजित इस महाअभियान के तहत विभिन्न मंडलों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफल आयोजन हुआ, जिसमें कार्यकर्ताओं ने संगठन की विचारधारा और कार्यसंस्कृति को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

अवध विहार योजना स्थित ट्यूलिप गार्डन में आयोजित अर्जुनगंज मंडल प्रशिक्षण सत्र में कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की प्रेरणादायी उपस्थिति ने कार्यक्रम को नई ऊर्जा प्रदान की। मंडल अध्यक्ष मोहित तिवारी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


इसी क्रम में सरोजनीनगर दक्षिण द्वितीय मंडल का प्रशिक्षण कार्यक्रम आकृति डिलाइट्स लॉन, रुचि खंड-2 स्थित कम्युनिटी सेंटर में मंडल अध्यक्ष विनोद मौर्य के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता रमेश तूफानी ने संगठन की कार्यपद्धति, वैचारिक आधार और राष्ट्रहित में समर्पण के महत्व पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। इस दौरान रमा शंकर त्रिपाठी, राजेन्द्र बाजपेयी, पार्षद कौशलेंद्र द्विवेदी, पार्षद हिमांशु अंबेडकर, पार्षद विमल तिवारी और पार्षद कमलेश सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


वहीं, सरोजनीनगर दक्षिण तृतीय मंडल में वृंदावन कॉलोनी स्थित कान्हा बैंक्वेट हॉल में दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें मंडल अध्यक्ष रमाकांत “राजन” मिश्रा सहित अनेक वरिष्ठ और सक्रिय कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। इस सत्र में संगठनात्मक दक्षता, अनुशासन और सेवा भाव को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया।

इस अवसर पर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रशिक्षित और अनुशासित कार्यकर्ता ही संगठन की वास्तविक ताकत होते हैं, जिनके बल पर राष्ट्र निर्माण को गति मिलती है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद को संगठन की आधारशिला बताते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यकर्ताओं के वैचारिक, बौद्धिक और संगठनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा ही संगठन की कार्यसंस्कृति की पहचान है, और इन्हीं मूल्यों के माध्यम से संगठन तथा राष्ट्र दोनों को सशक्त बनाया जा सकता है।

यह महाअभियान सरोजनीनगर क्षेत्र में संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण और वैचारिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहा है।

Post a Comment

0 Comments