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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस की बैठक सम्पन्न


 स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव उत्तरप्रदेश ✍🏻 

शाहजहाँपुर, 16 अप्रैल 2026।

 नवीन कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में किसान दिवस की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ जनपद के कृषकों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं एवं सुझाव प्रस्तुत किए।

बैठक की शुरुआत जिला कृषि अधिकारी विकास किशोर द्वारा की गई, जिसमें पूर्व में आयोजित किसान दिवस बैठक में उठाई गई समस्याओं के निस्तारण की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके उपरांत लगभग 20 किसानों ने अपनी समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया।

इस अवसर पर जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक राधे रमन तिवारी ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस पर सामान्यतः 7% ब्याज दर होती है, जिसे समय पर भुगतान करने पर 3% की अतिरिक्त छूट के साथ प्रभावी रूप से 4% किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बजट 2025-26 के अनुसार KCC की ऋण सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही दुर्घटना बीमा के तहत मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर ₹50,000 तथा अन्य जोखिमों पर ₹25,000 तक का कवर भी उपलब्ध है।

जिलाधिकारी ने किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील करते हुए कहा कि इससे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा एवं खाद-बीज सब्सिडी जैसी योजनाओं का लाभ सीधे बैंक खाते में प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री के बाद बार-बार भूमि दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं रहती और बैंकों द्वारा सरल प्रक्रिया से कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाता है। चकबंदी ग्रामों के किसानों को छूट प्रदान करते हुए निर्देशित किया गया कि वे गेहूं क्रय केंद्रों पर चकबंदी इंतखाब दिखाकर अपना गेहूं विक्रय कर सकते हैं।


वृक्ष कटान संबंधी प्रश्नों पर जिलाधिकारी ने ‘वृक्ष संरक्षण अधिनियम’ के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि सामान्यतः प्रति पेड़ ₹50 से ₹500 तक आवेदन शुल्क निर्धारित है तथा एक पेड़ के बदले 2 से 10 पौधे लगाने की शर्त होती है। एनओसी के लिए e-Nagarpalika या Nivesh Mitra पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. महेन्द्र कुमार ने गेहूं एवं सरसों की कटाई के बाद ढैंचा एवं अन्य हरी खाद वाली फसलों के उपयोग पर जोर देते हुए बताया कि इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और अगली फसल की पैदावार में सुधार होता है।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने अगली किसान दिवस बैठक को कार्यशाला के रूप में आयोजित करने के निर्देश दिए, जिसमें जनपद एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, उप निदेशक कृषि पी.के. मिश्र, जिला उद्यान अधिकारी पुनीत कुमार पाठक, मंडी सचिव रिंकू लाल, कृषि रक्षा अधिकारी संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंत में उप निदेशक कृषि द्वारा सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक का समापन किया गया।


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