पुराने शिक्षकों को TET से छूट देने की मांग, शिक्षक महासंघ ने सौंपा ज्ञापन


 स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव उत्तरप्रदेश ✍🏻 

शाहजहाँपुर, 13 अप्रैल 2026।

अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (All India Joint Teachers Federation) जनपद शाखा शाहजहाँपुर द्वारा आरटीई एक्ट-2009 लागू होने से पूर्व नियुक्त एवं सेवारत प्राथमिक शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से मुक्त किए जाने की मांग उठाई गई है। इस संबंध में संगठन की ओर से माननीय प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया।

ज्ञापन में कहा गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित एक निर्णय के क्रम में सेवारत शिक्षकों के लिए TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है, जिसके तहत निर्धारित समयावधि में परीक्षा उत्तीर्ण न कर पाने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ सकता है।

संगठन ने तर्क दिया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act-2009) लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों की भर्ती उस समय की निर्धारित सेवा शर्तों के अनुसार हुई थी। साथ ही NCTE की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना में स्पष्ट प्रावधान है कि उस तिथि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर नई योग्यता लागू नहीं होगी।


महासंघ ने यह भी उल्लेख किया कि RTE एक्ट की धारा 23(2) के तहत प्रशिक्षण संबंधी शिथिलता केवल 2010 के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू होती है, इसलिए 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाना चाहिए।

संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की कि केंद्र सरकार इस विषय पर स्पष्ट नीति बनाकर पुराने शिक्षकों को राहत प्रदान करे, ताकि वे अनावश्यक दबाव और सेवा संबंधी अनिश्चितता से मुक्त हो सकें।

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारी एवं शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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