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शाहजहाँपुर: भाकियू चढूनी के राष्ट्रव्यापी....

 

🌾 किसान कमान हुंकार / विलेखीय स्थगन एवं न्यायिक आदेश
✍️ स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश
📅 शाहजहाँपुर | 29 मई, 2026
🌐 सच की आवाज वेब न्यूज — कृषक कमान विलेख: पुवायाँ नायब तहसीलदार के खिलाफ हर तहसील में कलेक्टिव आक्रोश, न्यायालय सिविल जज ने जारी की स्थाई निषेधाज्ञा

शाहजहाँपुर। जनपद में किसानों के कमान सम्मान और न्याय की रक्षा हेतु भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने प्रशासनिक अमले के खिलाफ कड़ा विलेखीय मोर्चा खोल दिया है। गत 21 मई 2026 को सौंपे गए कलेक्टिव ज्ञापन पर त्वरित विलेखीय कार्रवाई न होने तथा पुवायाँ के नायब तहसीलदार मो0 रिजवान के कथित तानाशाही कमान रवैये के विरोध में आज, दिनांक 29 मई 2026 को जनपद की प्रत्येक तहसील में संगठन द्वारा एक विशाल कलेक्टिव प्रदर्शन और पुतला दहन का कार्यक्रम प्रस्तावित था।

विलेखीय सूत्रों से प्राप्त ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही जिला कमान प्रशासन को पुतला दहन और कलेक्टिव आक्रोश की भनक लगी, प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी (SDM) पुवायाँ, पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) पुवायाँ और थाना प्रभारी पुवायाँ ने तुरंत मोर्चा संभाला। अधिकारियों ने भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के जिला अध्यक्ष भारत सिंह यादव से कमान वार्ता करने का कलेक्टिव आग्रह किया, जिसके बाद समस्त किसान पदाधिकारियों और उच्चाधिकारियों के मध्य लगभग 1 घंटे तक मैराथन विलेखीय विमर्श चला।

🚨 कमान वार्ता का निष्कर्ष और संगठन की कड़ी चेतावनी:

एक सप्ताह का कलेक्टिव आश्वासन: वार्ता के दौरान प्रशासनिक कमान ने किसानों की समस्त विलेखीय समस्याओं का एक सप्ताह के भीतर विधिवत निस्तारण कराने का लिखित व मौखिक आश्वासन दिया। इसके उपरांत, संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्टिव मशविरा कर पुतला दहन कार्यक्रम को अस्थाई रूप से स्थगित कर दिया।
वादाखिलाफी पर महा-आंदोलन: जिला कमान के कलेक्टिव निर्णय के बाद भाकियू चढूनी ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि दिए गए कमान समय के भीतर समस्याओं का विलेखीय समाधान नहीं हुआ, तो जनपद स्तर पर एक ऐतिहासिक और उग्र महा-आंदोलन शुरू किया जाएगा।

📜 आंदोलन को सफल बनाने वाले तहसील कमान प्रभारियों का विलेख:
🏢 लक्षित कमान तहसील 👤 कलेक्टिव कमान नेतृत्वकर्ता 📊 विलेखीय आभार एवं बधाई
सदर तहसील मंडल प्रभारी चौधरी सुखबीर सिंह एवं समस्त कलेक्टिव टीम किसान एकता कमान को सुदृढ़ करने एवं शांतिपूर्ण विलेखीय निस्तारण हेतु जिला अध्यक्ष द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा।
तिलहर तहसील मंडल उपाध्यक्ष राजाराम जी एवं कलेक्टिव टीम
जलालाबाद तहसील सुखदेव सिंह जी एवं उनके कलेक्टिव विलेख सहयोगी
कलान तहसील मंडल उपाध्यक्ष श्याम माथुर जी एवं सशक्त टीम
पुवायाँ तहसील तहसील अध्यक्ष संजय मिश्रा जी एवं कलेक्टिव विलेख वाहिनी
⚖️ न्यायिक कमान आदेश: पुवायाँ न्यायालय से पीड़ित किसान हरिपाल को स्थगन आदेश

इसी प्रशासनिक सरगर्मी के बीच **न्यायालय सिविल जज (जू०डि०)/ जे०एम०, पुवायाँ, शाहजहाँपुर** से किसान के भूमि अधिकारों के संरक्षण को लेकर एक बड़ा कमान न्यायिक विलेख सामने आया है। मूलवाद संख्या 122/2026 (हरिपाल बनाम मनीषा आदि) में वादी हरिपाल की ओर से प्रस्तुत प्रार्थनापत्र 06ग मय शपथपत्र 07ग पर सुनवाई करते हुए प्रभारी न्यायाधीश अभिषेक जी ने एकपक्षीय रूप से वादी के विद्वान अधिवक्ता के तर्कों को सुना और पत्रावली पर उपलब्ध विलेखीय साक्ष्यों का गहन कलेक्टिव परिशीलन किया।

वादी हरिपाल ने प्रतिवादीगण के विरुद्ध स्थाई निषेधाज्ञा (Injunction) हेतु वाद संस्थित किया था। वादी के अनुसार विपक्षीगण जबरन उसकी पैतृक कृषि भूमि पर अवैध कब्जा करना चाहते थे। न्यायालय ने पत्रावली पर प्रस्तुत विवादित सम्पत्ति से सम्बन्धित **उद्धरण खतौनी (कागज संख्या-117/1 लगायत 11ग/2) एवं खसरा (कागज संख्या 127/1 लगायत 127/2)** का कलेक्टिव अवलोकन किया। विलेखों से प्रथम दृष्टया यह पूर्णतः स्पष्ट पाया गया कि **आराजी गाटा संख्या 21 रकबा 3.6350 हेक्टेयर, स्थित ग्राम लालपुर ज० जेदों, परगना व तहसील पुवायाँ, जिला शाहजहाँपुर** पर वादी हरिपाल का ही शांतिपूर्ण कब्जा व दखल है और वही उक्त आराजी का विलेखीय मालिक है।

जबरन कब्जा करने व दखल देने पर माननीय न्यायालय की कड़ी विलेखीय रोक

"प्रस्तुत मामले में वादी का प्रथम दृष्टया केस स्थापित है, सुविधा का सन्तुलन भी वादी के पक्ष में है। इस स्तर पर अनुतोष न देने से वादी को अपूर्णनीय विलेखीय क्षति होगी। अतः आदेश 39 नियम 1 व 2, धारा 151 सी०पी०सी० के तहत अस्थाई निषेधाज्ञा प्रार्थनापत्र स्वीकार किया जाता है। प्रतिवादीगण को कड़े कमान विलेख द्वारा निर्देशित किया जाता है कि वे प्रार्थनापत्र के अंतिम निस्तारण तक ग्राम लालपुर ज० जेदों की गाटा संख्या 21 पर जबरदस्ती कब्जा करने अथवा वादी के कलेक्टिव व शांतिपूर्ण दखल में हस्तक्षेप करने से पूर्णतः बाज रहें।" — माननीय न्यायालय सिविल जज (जू०डि०), पुवायाँ, शाहजहाँपुर

न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि वादी की ओर से कोई सारभूत तत्व छिपाया गया होगा, तो यह कमान आदेश स्वतः निरस्त समझा जायेगा। पत्रावली को अग्रिम विलेखीय कलेक्टिव कार्यवाही हेतु आगामी तिथि के लिए सुरक्षित किया गया है। किसान नेताओं ने न्यायालय के इस आदेश का कलेक्टिव स्वागत किया है और इसे भू-माफियाओं और लापरवाह कमान राजस्व अधिकारियों के मुंह पर एक करारा विलेखीय तमाचा बताया है।

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