लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन की 'अपराध मुक्त समाज' की अवधारणा, अपराधियों के विरुद्ध कड़क 'जीरो टॉलरेंस' नीति तथा त्वरित विधिक न्याय प्रणाली को धरातल पर चरितार्थ करते हुए पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की पश्चिम जोन कमान ने एक बार फिर उत्कृष्ट व्यावसायिकता का परिचय दिया है। थाना बाजारखाला पुलिस टीम ने परिक्षेत्र में सनसनी फैलाने वाले एक महिला हत्याकांड का महज २४ घंटे के भीतर न केवल सफल अनावरण किया है, बल्कि वारदात को अंजाम देकर भाग रहे मुख्य हत्यारे (मृतका के पति) को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है। पुलिस कमान की इस तीव्र कार्यकुशलता ने समाज विरोधी तत्वों को कड़ा संदेश दिया है कि कानून के अभेद्य शिकंजे से बच पाना नामुमकिन है।
प्राप्त प्रामाणिक आधिकारिक विलेख प्रविष्टि के अनुसार, घटनाक्रम की शुरुआत दिनांक २७ मई २०२६ को हुई थी, जब बाजारखाला पुलिस कमान को सूचना मिली कि मुख्य ईदगाह गेट के सम्मुख एक अज्ञात महिला गंभीर रूप से लहूलुहान व अचेत अवस्था में पड़ी है। तत्कालीन थाना पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल सरकारी एम्बुलेंस के माध्यम से पीड़िता को कड़क मेडिकल सर्विलांस हेतु केजीएमयू (KGMU) ट्रॉमा सेंटर में दाखिल कराया, जहाँ परीक्षण के उपरांत डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इसके उपरांत पुलिस ने तत्काल विलेख पंचायतनामा भर साक्ष्य संकलन की प्रविष्टि शुरू की।
| 📊 वारदात का स्वरूप, कारण एवं साक्ष्य संकलन | ⚙️ छापेमारी कमान एवं विधिक कस्टडी टीम |
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• मुख्य विलेखीय अपराध: घरेलू कलह के विसंगतिपूर्ण विवाद में पत्नी की धारदार चाकू से गोदकर जघन्य हत्या। • आधुनिक डिजिटल सर्विलांस: घटनास्थल के आउटर सीसीटीवी (CCTV) फुटेज ग्रिड तथा पारंपरिक मुखबिर नेटवर्क का सफल फ्यूजन। • भौतिक बरामदगी: अभियुक्त की नामजद निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त **आला कत्ल (धारदार खूनी चाकू)** शत-प्रतिशत बरामद। |
• कुशल नोडल कमान नेतृत्व: प्रभारी निरीक्षक श्री ब्रजेश सिंह (थाना बाजारखाला)। • मुख्य साक्ष्य संकलन अधिकारी: उपनिरीक्षक अनुज प्रताप सिंह एवं उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रताप सिंह। • मैदानी धरपकड़ फ्लाइंग स्क्वाड: मुस्तैद आरक्षी विनय कुमार सिंह एवं आरक्षी संदीप कुमार शर्मा। • गिरफ्तारी नाका: ऐशबाग रेलवे बाउंड्री सर्किल के पास से सटीक घेराबंदी कर कस्टडी में लिया गया। |
प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश सिंह के नेतृत्व में गठित विंग टीमों ने जब मृतका के परिजनों व स्थानीय संदिग्धों का बयान दर्ज किया, तो परतें खुलती चली गईं। मृतका का पति अक्सर पारिवारिक कलह के चलते अमर्यादित हिंसक आचरण करता था और इसी रंजिश में उसने इस जघन्य कृत्य को अंजाम दिया। कानून से बचकर शहर छोड़ने की फिराक में घूम रहे हत्यारे पति को ऐशबाग तिराहे के पास से दबोचा गया। पुलिस ने त्वरित दमन चक्र के दौरान भी माननीय सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की कमान गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया।
"बाजारखाला थाना क्षेत्र में घटित यह वीभत्स हत्याकांड हमारे लिए एक गंभीर प्रशासनिक चुनौती थी। प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश सिंह, उपनिरीक्षक अनुज प्रताप, राजेन्द्र प्रताप और कांस्टेबल विनय व संदीप की संयुक्त टीम ने जिस पेशेवर चुस्ती-फुर्ती से २४ घंटे के भीतर आला कत्ल चाकू समेत आरोपी को क्रैकडाउन किया है, वह कमिश्नरेट पुलिसिंग के उच्च सुशासनात्मक कीर्तिमान को प्रदर्शित करता है। कलेक्ट्रेट अभियोजन सेल को निर्देशित किया गया है कि वे इस विलेख मुकदमे की फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) के माध्यम से सतत पैरवी सुनिश्चित करें, ताकि अपराधी को कानून की अधिकतम विधिक सीमा के तहत कड़े दण्ड से संतृप्त किया जा सके।" — पश्चिम कमान जनसंपर्क एवं कानून व्यवस्था विशेष सत्र बुलेटिन
बाजारखाला मुख्य प्रभाग, ईदगाह गेट संपर्क अंचल, ऐशबाग रेलवे कॉलोनी बेल्ट, चौक व यहियागंज मार्ग ग्रिड, राजाजीपुरम व तालकटोरा आउटर सर्किल, लखनऊ कलेक्ट्रेट जनसुनवाई मंचों और जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सम्मानित प्रबुद्ध अधिवक्ताओं, विभिन्न संभ्रांत महिला सुरक्षा अधिकार मंचों तथा स्थानीय जागरूक नागरिक कल्याण कमेटियों ने बाजारखाला पुलिस कमान द्वारा पीड़ित पक्ष को त्वरित इंसाफ दिलाने तथा चौबीस घंटे में हत्यारे को जेल कस्टडी में भेजने के इस सुशासनात्मक कदम की खुले दिल से सराहना की है। कलेक्ट्रेट नागरिक सुरक्षा एवं आपदा नियंत्रण सेल ने पुनः संपूर्ण जागरूक नागरिकों से वैधानिक व विनम्र अपील की है कि वे अपराध मुक्त समाज के निर्माण में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं। यदि आपके अंचल, सोसायटियों या मोहल्लों के भीतर घरेलू हिंसा की अमर्यादित विसंगति, महिलाओं का मानसिक उत्पीड़न, या देर रात सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध अपराधियों की हथियारबंद हलचल परिलक्षित हो, तो मूकदर्शक न रहें; तत्काल इसकी प्रामाणिक नोडल सूचना स्थानीय बीट सिपाही, संबंधित थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी कार्यालय या नोडल पुलिस आपातकालीन रिस्पॉन्स कमान नंबर **'११२'** पर प्रेषित करें। आपकी समयबद्ध सजगता ही सुशासित लखनऊ के अमन-चैन की अभेद्य ढाल है।
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