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शाहजहाँपुर: 'मिट्टी की सेहत से सुधरेगी किसान की किस्मत'; ददरौल में मृदा परीक्षण और नैनो उर्वरकों पर विशाल कार्यशाला आयोजित

[ कृषि एवं किसान कल्याण / इफको अभियान ]

स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

ददरौल, शाहजहाँपुर | 13 मई, 2026 सच की आवाज वेब न्यूज

शाहजहाँपुर के ददरौल साधन सहकारी समिति पर बुधवार को मृदा परीक्षण अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे इफको लखनऊ के उप महाप्रबंधक डॉ. संतोष कुमार सिंह ने किसानों को मिट्टी की जाँच कराने के प्रति जागरूक करते हुए इसे खेती की आधारशिला बताया।

नैनो यूरिया और डीएपी से बढ़ेगा मुनाफा:

इफको के क्षेत्र अधिकारी रामरतन सिंह ने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के चमत्कारी लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नैनो डीएपी से बीज शोधन और फसल पर छिड़काव करने से पारंपरिक डीएपी की खपत में 25 से 50 प्रतिशत तक की कमी लाकर खेती की लागत को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

वैज्ञानिक खेती की सलाह: टीएमई इफको-एमसी भावेश त्रिपाठी ने फसलों में कीट व रोगों के प्रबंधन पर प्रकाश डाला। वहीं, किसानों को 'एनपीके कंसोर्टिया' (जैव उर्वरक) का उपयोग करने की सलाह दी गई, जिससे मिट्टी की उर्वरकता बनी रहे और पैदावार में वृद्धि हो।

कार्यक्रम में सचिव दिनेश दीक्षित, सचेंद्र वर्मा, दुर्गेश पाण्डेय सहित लगभग 70 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की कि वे अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से बचें और मिट्टी की जाँच रिपोर्ट के आधार पर ही संतुलित खाद का उपयोग करें।

मुख्य बिंदु:
• मिट्टी की जाँच कराकर संतुलित उर्वरक डालें।
• नैनो डीएपी से बीज शोधन करें।
• जैविक खादों और जैव उर्वरकों को प्राथमिकता दें।
स्वस्थ धरा - हरा खेत - खुशहाल किसान।

"किसानों का हमसफर - सच की आवाज वेब न्यूज"

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