शाहजहाँपुर के बिस्मिल सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सर्राफा व्यापारियों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण समन्वय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के आग्रह के बाद सोने के आयात, भंडारण और बिक्री को लेकर बाजार व आम जनता में फैली भ्रांतियों व अफवाहों को पूरी तरह दूर करना था। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण सोने के अत्यधिक आयात पर निर्भरता कम करने के लिए कुछ कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन इसका आम उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की खरीद-फरोख्त से कोई प्रतिकूल संबंध नहीं है।
जिलाधिकारी ने बैठक में वैश्विक परिदृश्य को साझा करते हुए बताया कि 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान–अमेरिका युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस भू-राजनीतिक तनाव की वजह से वैश्विक बाजार में विभिन्न आवश्यक वस्तुओं के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिली है। चूंकि भारत अपनी घरेलू आवश्यकताओं के लिए सोने के आयात पर बहुत बड़े पैमाने पर निर्भर रहता है, इसलिए देश की अर्थव्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के लिए कुछ दूरगामी नीतिगत उपाय किए जा रहे हैं।
| ✅ आभूषण व्यापार: क्या पूरी तरह से पूर्ववत रहेगा? | 🛑 नियंत्रण की दिशा: सरकार का ध्यान किस पर है? |
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• शादी-विवाह, मुंडन एवं अन्य घरेलू मांग के लिए आभूषणों की सामान्य खरीद-फरोख्त पूरी तरह चालू रहेगी। • स्थानीय ज्वेलरी व्यवसाय के संचालन में प्रशासन की ओर से कोई बाधा या हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। • पुराने सोने को गलाकर नया आभूषण बनाने के रिसाइकिल उद्योग को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। |
• अत्यधिक विदेशी मुद्रा खर्च होने से रोकने के लिए गोल्ड बुलियन (कच्चा सोना) के अंधाधुंध आयात को नियंत्रित किया जा रहा है। • सोने के बिस्किट तथा शत-प्रतिशत खरे सोने के व्यावसायिक निवेश व उसकी खुली थोक बिक्री की निगरानी की जाएगी। • मुख्य लक्ष्य विदेशी आयात भार को घटाकर स्वदेशी रिसाइकिल प्रणालियों को सुदृढ़ बनाना है। |
"सरकार की मंशा देश के पारंपरिक आभूषण उद्योग को चोट पहुंचाना कतई नहीं है। हम चाहते हैं कि पुराने सोने के रिसाइकिल और पुनः उपयोग (Re-use) को बढ़ावा दिया जाए, ताकि बाहरी देशों से नया सोना मंगाने का आर्थिक बोझ देश पर न पड़े। सर्राफा व्यापारी किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और उपभोक्ताओं को भी सही जानकारी देकर शासन की इस राष्ट्रहित की मंशा को आमजन तक पहुंचाने में जिला प्रशासन का सहयोग करें।"
बैठक के दौरान उपस्थित सर्राफा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी अंतरराष्ट्रीय मंदी और युद्ध की विभीषिका के बीच राष्ट्रहित में लिए जा रहे निर्णयों के प्रति अपनी सहमति जताई। व्यापारियों ने स्थानीय स्तर पर आ रही कुछ व्यावहारिक शंकाओं और जीएसटी/कर संबंधी विसंगतियों को लेकर जिलाधिकारी को अपने सुझाव सौंपे। जिलाधिकारी ने व्यापारियों की सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और नियमानुसार उनके त्वरित समाधान का पूर्ण भरोसा दिया। इस संवाद सत्र के बाद जिले के सर्राफा बाजार के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।
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