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अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर संगोष्ठी आयोजित, 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प

 

स्टेट ब्यूरो हेड : योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहाँपुर, 12 जून 2026। अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर कार्यालय सहायक श्रमायुक्त, शाहजहाँपुर में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक श्रमायुक्त के.के. गुप्ता ने की। संगोष्ठी में बाल कल्याण समिति, उद्योग एवं व्यापार मंडल, श्रमिक संगठनों, उद्यमी बंधुओं, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), सामाजिक संस्थाओं तथा श्रम विभाग के अधिकारियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्रम प्रवर्तन अधिकारी राजेश कुमार सिंह द्वारा उपस्थित अतिथियों के स्वागत के साथ किया गया। उन्होंने बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम-1986 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया। साथ ही प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एवं प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना की भी जानकारी दी।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए इंटक के जिला अध्यक्ष पवन सिंह, असंगठित मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मो. खुर्शीद, बाल कल्याण समिति के सदस्य रवीन्द्र मिश्रा, मुनीश सिंह परिहार तथा भारत विकास कुशवाहा सहित अन्य वक्ताओं ने बाल श्रम उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में ईंट भट्ठा एसोसिएशन के अध्यक्ष ए.के. खन्ना, के.के. गर्ग, प्रकाश कलानी, लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष नवनीत गुप्ता, एएचटीयू के उप निरीक्षक रोहित कुमार, प्रवेश, कृभको के एचआर प्रतिनिधि शिवांशु पाठक, के.आर. पल्प एंड पेपर्स के मोहित एवं राघवेन्द्र सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

अंत में सहायक श्रमायुक्त के.के. गुप्ता ने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक होकर आगे आना होगा। उन्होंने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने तथा बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में सभी से सहयोग करने की अपील की।

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