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शाहजहांपुर में हर नगर निकाय में बनेगा मॉडल वार्ड, घर-घर होगा कूड़े का पृथक्करण : डीएम

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहांपुर। जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमावली-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों को निर्देश दिए कि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर घर-घर लोगों को गीला, सूखा, सैनिटरी एवं घरेलू हानिकारक कचरा अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए समान नियम लागू किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि एकत्रित कचरे को मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर तक पहुंचाकर वैज्ञानिक तरीके से उसकी छंटाई की जाए। गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जाए और सूखे कचरे का अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से निस्तारण कर नगर निकायों की आय बढ़ाई जाए।

बैठक में होटल, रेस्टोरेंट, बारात घर, औद्योगिक इकाइयों सहित सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों को अपने स्तर पर कचरा प्रबंधन की व्यवस्था करने तथा ऑनलाइन पंजीकरण कराने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने प्रत्येक नगर निकाय में एक मॉडल वार्ड विकसित करने का सुझाव देते हुए कहा कि वहां कूड़ा संग्रहण, परिवहन एवं निस्तारण की आदर्श व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही प्रत्येक सड़क पर तैनात सफाई कर्मचारी का नाम और मोबाइल नंबर वॉल पेंटिंग के माध्यम से प्रदर्शित किया जाए तथा शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी अंकित किए जाएं।

उन्होंने वार्डों में क्यूआर कोड लगाने, एमआरएफ सेंटरों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा कूड़ा संग्रहण वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाकर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्र, नगर निकायों के अध्यक्ष, सभासद, अधिशासी अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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