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जिला कारागार में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, विद्यार्थियों ने जाना न्याय और सुधार व्यवस्था का महत्व

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहाँपुर, 19 जून 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शाहजहाँपुर के तत्वावधान में जिला कारागार में मासिक विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अपेक्षा सिंह ने की। शिविर का मुख्य विषय “परमानेंट लोक अदालतों के कार्यों का प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता” रहा।

कार्यक्रम के दौरान बंदियों को परमानेंट लोक अदालतों की उपयोगिता, कार्यप्रणाली तथा त्वरित एवं सुलभ न्याय व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें विभिन्न विधिक अधिकारों एवं उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं से भी अवगत कराया गया।

इसी अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) द्वारा स्वामी शुकदेवानंद लॉ कॉलेज के ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय के 42 छात्र-छात्राओं ने जिला कारागार का भ्रमण कर वहां संचालित सुधारात्मक, शैक्षिक एवं पुनर्वास संबंधी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

चीफ एलएडीसी श्री दिनेश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि परमानेंट लोक अदालतें आम नागरिकों को सरल, सस्ता एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि विधिक जागरूकता समाज में न्याय के प्रति विश्वास को मजबूत करती है और विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देती है।

डिप्टी चीफ एलएडीसी श्री विवेक शर्मा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाना प्राधिकरण का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों को विधिक सेवा तंत्र की कार्यप्रणाली को निकट से समझने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं श्रीमती अपेक्षा सिंह ने कहा कि विधिक साक्षरता एक जागरूक और न्यायपूर्ण समाज की आधारशिला है। उन्होंने परमानेंट लोक अदालतों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इनके माध्यम से अनेक मामलों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण संभव हो पाता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों तक विधिक जागरूकता का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जेल अधीक्षक जे.पी. तिवारी ने कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, शिक्षा और पुनर्वास का केंद्र है। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बंदियों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों, बंदियों एवं अधिकारियों ने विधिक जागरूकता को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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