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‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इसके उभरते क्षेत्र’ विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल समापन

 

स्टेट ब्यूरो हेड : योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहाँपुर, 14 जून 2026। स्वामी शुकदेवानन्द विश्वविद्यालय, शाहजहाँपुर के वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इसके उभरते क्षेत्र” का शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में गरिमामय वातावरण में सफल समापन हुआ। समापन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.बी. सिंह ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. राजीव कुमार अग्रवाल (वर्धमान कॉलेज, बिजनौर) तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. के.के. वर्मा (केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश) रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी शुकदेवानन्द सरस्वती जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत अतिथियों का चंदन तिलक एवं पुष्प कलिका भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का परिचय विभागीय शिक्षकों द्वारा कराया गया तथा उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. राजीव कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता भारत के विकास को नई दिशा प्रदान कर सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से नवीन तकनीकों के अध्ययन एवं अनुसंधान में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. के.के. वर्मा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता वर्तमान समय की सबसे प्रभावशाली तकनीकों में से एक है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि एवं प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। उन्होंने एआई के नैतिक एवं जिम्मेदार उपयोग पर विशेष बल दिया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. पी.बी. सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल तकनीकी उन्नति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज एवं राष्ट्र के समग्र विकास का महत्वपूर्ण उपकरण है। उन्होंने विश्वविद्यालयों को नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

संगोष्ठी के आयोजक एवं वाणिज्य संकाय के डीन प्रो. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि एआई आधारित तकनीकें कार्यों को सरल, तेज और अधिक प्रभावी बना रही हैं। इसके उभरते क्षेत्र ग्रामीण विकास, स्मार्ट कृषि, डिजिटल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाकर समाज के समग्र विकास में योगदान दे रहे हैं।

संगोष्ठी के सचिव डॉ. अजय कुमार वर्मा ने रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि अंतिम दिन आयोजित दो तकनीकी सत्रों में कुल 27 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। उत्कृष्ट शोध पत्रों के लिए शीतल अग्रवाल, महेक अग्रवाल, दरक्षा अंजुम, वैभव मिश्रा, मानिक रस्तोगी एवं शोभित गुप्ता को कुलपति द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड इट्स इमर्जिंग एरिया” तथा “विकसित भारत @2047: स्टेप्स टुवर्ड्स सस्टेनेबल डेवलपमेंट एंड प्रॉस्पेरिटी” पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. देवेन्द्र सिंह ने किया, जबकि ब्रज लाली चौबे ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

(सच की आवाज़ वेब न्यूज़)

हेडलाइन विकल्प:

  • स्वामी शुकदेवानन्द विश्वविद्यालय में एआई विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल समापन
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता भारत के विकास की नई दिशा : डॉ. राजीव अग्रवाल
  • एआई समाज और राष्ट्र के विकास का महत्वपूर्ण उपकरण : कुलपति प्रो. पी.बी. सिंह
  • राष्ट्रीय संगोष्ठी में 27 शोध पत्र प्रस्तुत, प्रतिभागी हुए सम्मानित
  • एआई के उभरते क्षेत्रों पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

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