ब्यूरो रिपोर्ट अंकुल गुप्ता, सीतापुर ✍️
सीतापुर, 24 जुलाई। विकास खंड सकरन क्षेत्र में वृक्षारोपण अभियान के तहत मंगाए गए सैकड़ों पौधों के उचित रखरखाव न होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रोपण के लिए लाए गए पौधों को लगाने के बजाय खेतों और सड़क किनारे फेंक दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में पौधे सूखने लगे हैं और कई पौधे पशुओं का चारा बन रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, 5 जुलाई को वन विभाग द्वारा महाराजनगर एवं सलेमपुर नर्सरी से सागौन, अर्जुन, जामुन, भिलोर सहित विभिन्न प्रजातियों के लगभग एक हजार पौधे मंगाए गए थे। इन पौधों को बिसवां-सकरन मार्ग के किनारे लगाया जाना था।
आरोप है कि पौधों का रोपण कराने के बजाय करीब 300 से अधिक पौधे सांडा-सकरन मार्ग पर मनिकौड़ा के पास एक धान के खेत में डाल दिए गए, जबकि लगभग 200 पौधे सड़क किनारे रखे रहे। समय पर रोपण और देखरेख न होने से कई पौधे सूखने लगे हैं तथा खुले में पड़े पौधों को पशु नुकसान पहुंचा रहे हैं।
इस संबंध में वन दरोगा अभय प्रताप सिंह ने बताया कि लगातार बारिश के कारण पौधारोपण नहीं कराया जा सका है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी पौधों का रोपण कराया जाएगा।
नोट: यह समाचार स्थानीय स्तर पर सामने आए आरोपों एवं संबंधित अधिकारी के बयान पर आधारित है। विभाग की ओर से कहा गया है कि मौसम अनुकूल होते ही पौधारोपण कराया जाएगा।
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