बिसवां तहसील में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 79वां स्वतंत्रता दिवस



ब्यूरो रिपोर्ट – शरद बाजपेई

बिसवां। 79वां स्वतंत्रता दिवस बिसवां तहसील परिसर में बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर तहसील सभागार और परिसर देशभक्ति की भावना से सराबोर रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत सिविल जज बिसवां द्वारा ध्वजारोहण से हुई। इसके बाद राष्ट्रगान गूंजा और पूरा सभागार “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गुंजायमान हो उठा। वहीं, उपजिलाधिकारी ने तहसील सभागार में ध्वजारोहण कर उपस्थित लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।


इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखते हुए स्वतंत्रता सेनानियों और देश के शहीदों को नमन किया। खासतौर पर बिसवां की शान, कारगिल युद्ध के अमर शहीद कैप्टन मनोज पांडे के बलिदान को याद कर सभागार भावुक हो उठा।

कार्यक्रम में विभिन्न काव्यमयी प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। बच्चों और युवाओं द्वारा प्रस्तुत कविताओं और गीतों ने देशभक्ति की भावना को और प्रबल किया। वक्ताओं ने देश की रक्षा, विकास और एकता को बनाए रखने के लिए संकल्पित रहने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में तहसीलदार बिसवां, अधिवक्तागण, तहसील कर्मचारी, शिक्षाविद और नगर के संभ्रांत नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह का समापन राष्ट्रगान और जयघोष के बीच हुआ।

विशेष 

कैप्टन मनोज पांडे : बिसवां की शान, राष्ट्र की पहचान



कारगिल युद्ध (1999) में असाधारण वीरता और अदम्य साहस का परिचय दिया।


दुश्मनों के बंकर ध्वस्त करते हुए मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया।


मरणोपरांत भारत सरकार ने उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया।


बिसवां ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा-स्रोत।



"कैप्टन मनोज पांडे का शौर्य हमें यह याद दिलाता है कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसके लिए प्राण न्यौछावर करना सर्वोच्च कर्तव्य"


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