ब्यूरो रिपोर्ट : सुधीर सिंह कुम्भाणी | सीतापुर
सकरन (सीतापुर)।
किसानों की परेशानियाँ थमने का नाम नहीं ले रहीं — कभी फसल का उचित मूल्य न मिलना, कभी खाद की किल्लत, तो कभी बैंकों की मनमानी का शिकार होना।
ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सांडा स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शाखा का सामने आया है, जहाँ बंधकमुक्त भूमि होने के बावजूद एक किसान से दबंगईपूर्ण वसूली का मामला उजागर हुआ है।
जानकारी के अनुसार, किरतापुर निवासी किसान सियाराम पुत्र हीरालाल ने एसबीआई शाखा से केसीसी (कृषि ऋण) लिया था, जिसे उन्होंने पूरा जमा कर दिया। उनके पास डिस्चार्ज सर्टिफिकेट भी मौजूद है, और राजस्व विभाग के अभिलेखों (खतौनी) में भूमि को बंधकमुक्त दर्ज किया जा चुका है।
इसके बावजूद हाल ही में शाखा प्रबंधक ने किसान के घर पहुंचकर उसकी बुलेट मोटरसाइकिल उठा ली, और लंबे मान-मनौवल के बाद ₹20,000 लेकर छोड़ दी।
किसान का कहना है कि उसने बैंक का पूरा ऋण चुका दिया है और बिसवां स्थित एक्सिस बैंक से नया ऋण भी प्राप्त कर लिया है, जो यह साबित करता है कि उसकी भूमि पर किसी प्रकार का बंधक नहीं है। फिर भी SBI सांडा शाखा द्वारा लगातार वसूली नोटिसें भेजी जा रही हैं, जिससे किसान और उसका परिवार मानसिक रूप से बेहद परेशान है।
ग्रामीणों का कहना है कि बैंक कर्मियों की यह कार्यप्रणाली पूरी तरह अवैध और उत्पीड़नकारी है।
अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन ऐसे मनमाने बैंक अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करता है या यह मामला भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
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