स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻
शाहजहाँपुर, 26 नवंबर 2025
प्रदेश में आवागमन को सुगम बनाने के लिए सरकार द्वारा सेतु निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। नदियों, घाटियों और विभिन्न प्राकृतिक-अप्राकृतिक बाधाओं को पार करने के लिए पुलों का निर्माण मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। समय के साथ तकनीकी विकास के दौर में लकड़ी और बाँस के पुलों की जगह आधुनिक तकनीक से निर्मित मजबूत पुलों ने ले ली है।
उ०प्र० राज्य सेतु निर्माण निगम प्रदेश में पुल निर्माण के क्षेत्र में अपनी गुणवत्ता, समयबद्धता और तकनीकी दक्षता के लिए प्रतिष्ठित है। किसी भी प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास में सेतुओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए वर्तमान सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर सेतु निर्माण करवाया गया है।
सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियाँ
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प्रदेश में 275 दीर्घ सेतुओं का निर्माण कार्य पूर्ण कर आमजन के उपयोग हेतु उपलब्ध कराया गया।
- इनमें 89 सेतु ऐसे थे जो 01 अप्रैल 2017 से पहले के समय से अधूरे पड़े थे।
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इसी तरह 126 रेल उपरिगामी सेतुओं (ROB) व 16 फ्लाईओवर का निर्माण कर आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाया गया।
- इनमें से 35 सेतु वर्षों से अपूर्ण पड़े थे, जिन्हें वर्तमान सरकार ने पूरा कराया।
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दीर्घ सेतुओं के साथ-साथ 1125 लघु सेतुओं का भी निर्माण कार्य पूरा किया गया।
- इनमें 136 लघु सेतु पुराने समय से अधूरे थे।
कुल उपलब्धि
सरकार के कार्यकाल में अब तक:
➡️ 1542 से अधिक पुलों (दीर्घ, लघु, ROB, फ्लाईओवर) का निर्माण पूरा कर जनता को समर्पित किया गया है।
इससे प्रदेश के यातायात, व्यापार, ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
वर्तमान में प्रगति पर कार्य
प्रदेश में सेतु निर्माण विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर:
- 116 दीर्घ सेतु
- 595 लघु सेतु
- 110 रेल उपरिगामी सेतु
- 11 फ्लाईओवर
कुल 832 सेतुओं पर निर्माण कार्य प्रगति पर है।
इसके अतिरिक्त निक्षेप निधि में:
- 11 दीर्घ सेतु
- 08 ROB
- 06 फ्लाईओवर
कुल 25 सेतु भी निर्माणाधीन हैं, जिन्हें शीघ्रातिशीघ्र पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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