शाहजहांपुर: 03 दिसम्बर, 2025
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को नई दिशा मिली है। कृषि के साथ पशुपालन सदियों पुरानी जीवनशैली का अंग रहा है और प्रदेश सरकार द्वारा मिल रही सुविधाओं का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज दुग्ध उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है।
प्रदेश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता वर्ष 2021 के 321 ग्राम से बढ़कर 2024 में 471 ग्राम हो गई है, जो डेयरी क्षेत्र की प्रगति का स्पष्ट संकेत है। सरकार द्वारा नस्ल सुधार, बायोगैस प्लांट, पशुपालक प्रशिक्षण और डेयरी नीति के माध्यम से दुग्ध उत्पादन व डेयरी उद्योग को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति 2022 के अंतर्गत प्रदेश सरकार—
डेयरी उत्पाद इकाइयों की स्थापना और आधुनिकीकरण पर अधिकतम ₹5 करोड़ तक का पूंजीगत अनुदान उपलब्ध करा रही है।
(नोट: विस्तार की स्थिति में कम से कम 25% क्षमता बढ़ाना अनिवार्य)
इन पर 35% अनुदान — अधिकतम ₹2.50 करोड़
जैसे—
इन पर 35% अनुदान — अधिकतम ₹1 करोड़
इन पर 35% अनुदान — अधिकतम ₹1 करोड़
(कम से कम 25% क्षमता वृद्धि आवश्यक)
इस प्रोत्साहन नीति से प्रदेश में सैकड़ों करोड़ रुपये का निवेश डेयरी उद्योग में आकर्षित हो चुका है। इससे न केवल प्रदेश में डेयरी आधारित रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि किसानों और पशुपालकों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
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