शाहजहांपुर।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान एवं सुशासन सप्ताह – प्रशासन गांव की ओर थीम के अंतर्गत शुक्रवार को विवेकानंद विद्यापीठ विद्यालय, छत्रपति वीर शिवाजी नवोदय विद्यालय एवं सुभाष बाल विद्या मंदिर, शाहजहांपुर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी महोदय एवं मुख्य विकास अधिकारी महोदया के निर्देशानुसार तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री गौरव मिश्रा के मार्गदर्शन में महिला कल्याण विभाग की टीम द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम बाल विवाह मुक्त भारत 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत आयोजित हुआ।
इस अवसर पर चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक श्री विनय कुमार शर्मा ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम–2006 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास को प्रभावित करता है और उनका भविष्य अंधकारमय बना देता है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु में विवाह करने वाली बालिकाओं में घरेलू हिंसा का खतरा अधिक होता है तथा शिक्षा से वंचित रहने की संभावना भी बढ़ जाती है।
परियोजना समन्वयक ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना, दो वर्ष तक का कारावास अथवा दोनों का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि विवाह की न्यूनतम आयु बालिकाओं के लिए 18 वर्ष तथा बालकों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। बाल विवाह की समाप्ति के लिए परिवार, समाज और समुदाय की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं नागरिकों ने “बाल विवाह मुक्त भारत” बनाने की शपथ ली और अपने आसपास किसी भी बाल विवाह की सूचना प्रशासन को देने का संकल्प लिया।
इसी क्रम में जिला मिशन कोऑर्डिनेटर श्रीमती अमृता दीक्षित ने बच्चों को वीर बाल दिवस के महत्व से अवगत कराया तथा सुशासन सप्ताह के अंतर्गत बच्चों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, 181 महिला हेल्पलाइन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं निराश्रित महिला पेंशन योजना की जानकारी दी।
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपरवाइजर सुधीर कुमार एवं ज्ञान स्वरूप, तीनों विद्यालयों के छात्र-छात्राएं तथा शिक्षकगण उपस्थित रहे।
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