मेरठ।ब्यूरो चीफ तशरीफ़ अली
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राजबाला दिव्यांग सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. सतेंद्र नागर ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के प्रमुख सचिव से मुलाकात कर दिव्यांग व्यक्तियों के लिए व्यवसायिक प्रशिक्षण और न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
रविवार 21 दिसंबर 2025 को दिल्ली के इंडिया गेट पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान डॉ. सतेंद्र नागर ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के प्रमुख सचिव श्री राठी तथा श्री भास्कर से विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि यदि दिव्यांगजनों को व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ-साथ आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, तो वे स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकते हैं और समाज की मुख्यधारा में सशक्त भूमिका निभा सकते हैं।
डॉ. नागर ने यह भी कहा कि दिव्यांगजनों में प्रतिभा और कार्यक्षमता की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित संसाधन, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने की है। इस प्रस्ताव पर प्रमुख सचिव भारत सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया और कहा कि मंत्रालय स्तर पर इस दिशा में आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
इस अवसर पर श्री शिवकेश तिवारी एवं संस्था की संरक्षक सी.ए. सीमा नागर भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भी दिव्यांगजनों के हित में चलाए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की।
डॉ. सतेंद्र नागर की इस पहल को दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में बड़ी संख्या में दिव्यांग व्यक्ति लाभान्वित हो सकेंगे।
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