विशेष संवाददाता | लखनऊ
भारत आज न केवल अपनी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है, बल्कि पूरी दुनिया की खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता भी रखता है। यह उपलब्धि देश के अन्नदाताओं की अथक मेहनत, त्याग और समर्पण का परिणाम है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कृषि उत्पादन को निरंतर सशक्त बनाए रखा है।
संयुक्त किसान मोर्चा भारत के संयोजक एवं भारतीय किसान मजदूर यूनियन (दसहरी संगठन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव दसहरी ने कहा कि भारतीय किसान आज वैश्विक खाद्य सुरक्षा के एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरे हैं। किसानों की मेहनत के दम पर भारत ने अनाज, दुग्ध उत्पादन और अन्य कृषि उत्पादों में आत्मनिर्भरता हासिल की है, जिससे विश्व के कई देशों को भी लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों के योगदान पर पूरे देश को गर्व होना चाहिए और यह आवश्यक है कि उनकी आय, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं। किसानों को उचित मूल्य, समय पर संसाधन और स्थायी समर्थन मिलना देश की खाद्य सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
भारतीय किसानों की मेहनत और उपलब्धियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत न केवल कृषि प्रधान देश है, बल्कि वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा में भी अग्रणी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।
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