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क्षेत्र में चोरी-छिपे बिना परमिट हो रहा प्रतिबंधित पेड़ों का कटान, वन विभाग परेशान

 

पप्पू कुमार चौहान की रिपोर्ट

सकरन (सीतापुर)। सकरन थाना क्षेत्र में बिना परमिट हरे-भरे प्रतिबंधित पेड़ों का अवैध कटान थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र में बीते दो दिनों के भीतर करीब 70 प्रतिबंधित पेड़ काटे जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायत के बाद वन विभाग ने कुछ लकड़ी कट्टों पर कार्रवाई जरूर की है, लेकिन अभी भी कई लोग प्रशासन की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में लकड़ी ठेकेदारों द्वारा बिना अनुमति आम, जामुन, गूलर, शीशम और पीपल जैसे प्रतिबंधित पेड़ों पर आरा चलवाया जा रहा है। ग्राम पंचायत मोहारी के मजरा बलबल पुरवा में 11 जनवरी की रात 10 आम, 5 जामुन, 6 गूलर, 7 शीशम और 1 पीपल बिना परमिट काट दिए गए। इसी रात हाजीपुर गांव निवासी सचिन के खेत में लगे 5 शीशम के पेड़, सकरन निवासी रामचंद्र के 2 गूलर के पेड़, गुलरबोझा में 5 आम, तथा सकरन में कृष्णा शिक्षण संस्थान के पीछे 10 जामुन, 5 शीशम और 3 आम के पेड़ चोरी-छिपे रात के अंधेरे में काटे गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध कटान स्थानीय पुलिस और वन विभाग के संरक्षण में किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से कार्रवाई भी की जा रही है। एक लकड़ी ठेकेदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले बिना परमिट कटान पर स्थानीय पुलिस और वन विभाग के कर्मचारियों को कथित तौर पर कमीशन दिया जाता था और शिकायत होने पर औपचारिक जुर्माना लगाकर मामला निपटा दिया जाता था।

ग्रामीणों का कहना है कि वन दरोगा अभय सिंह की तैनाती के बाद अवैध कटान में काफी हद तक कमी आई है, लेकिन वाहन और संसाधनों की कमी के चलते रात में गश्त करने में वन कर्मियों को परेशानी होती है। बावजूद इसके, सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं।

इस संबंध में वन दरोगा ने बताया कि वह विभागीय कार्य से बाहर थे, सूचना मिली है और उच्चाधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जाएगी। वहीं डिप्टी रेंजर शैलेश कुमार ने कहा कि अवैध पेड़ कटान की जानकारी मिली है, जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा

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