स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। ‘योगी की पाती’ के माध्यम से मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल सड़क हादसों में हजारों लोगों की जान जा रही है, जिसका मुख्य कारण लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी है। उन्होंने कहा कि सड़क पर की गई छोटी सी चूक भी परिवारों की खुशियां छीन लेती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य केवल जागरूकता नहीं बल्कि सड़क व्यवहार में स्थायी बदलाव लाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मृत्यु दर सरकार का लक्ष्य है।
सीएम योगी ने जानकारी दी कि प्रदेश के 20 संवेदनशील जिलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य में अब तक 3,000 से अधिक ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जा चुके हैं, जहां दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है और उन्हें सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा अभियान के चार प्रमुख स्तंभ भी गिनाए— शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग और आपात देखभाल। उन्होंने कहा कि पुलिस और संबंधित विभाग ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करेंगे, लेकिन इसके लिए जनसहयोग भी बेहद आवश्यक है।
सीएम योगी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग जानलेवा साबित हो सकता है। इसके अलावा तेज रफ्तार और नशे की हालत में वाहन चलाना दुर्घटनाओं का बड़ा कारण है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट कोई दिखावे की वस्तु नहीं, बल्कि जीवन रक्षक उपाय हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने देना कानूनन अपराध है, और इससे न केवल बच्चों बल्कि दूसरों की जान भी खतरे में पड़ती है।
अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें, ताकि उत्तर प्रदेश को सड़क दुर्घटनाओं से मुक्त प्रदेश बनाया जा सके।
0 Comments