Breaking News

हुसैनाबाद बड़ा इमामबाड़ा की पवित्रता पर सवाल


Hussainabad Bara Imambara disrespect incident raises concern

धार्मिक स्थल में अनुशासनहीनता, जिम्मेदारों की चुप्पी से श्रद्धालु आहत
हुसैनाबाद बड़ा इमामबाड़ा लखनऊ का ऐतिहासिक स्थल

ब्यूरो रिपोर्ट | लखनऊ

लखनऊ स्थित हुसैनाबाद बड़ा इमामबाड़ा, जो न केवल ऐतिहासिक धरोहर है बल्कि शिया मुस्लिम समुदाय का अत्यंत पवित्र धार्मिक स्थल भी माना जाता है, आज गंभीर अव्यवस्थाओं और लापरवाही का शिकार होता नजर आ रहा है।

हुसैनाबाद बड़ा इमामबाड़ा लखनऊ का ऐतिहासिक स्थल

देश-विदेश से हर दिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक इस विश्व प्रसिद्ध इमामबाड़े को देखने आते हैं। ईरान, इराक, लेबनान, यूरोप सहित कई देशों से आने वाले पर्यटकों के साथ-साथ भारत के कोने-कोने से लोग यहां की तहज़ीब और रूहानियत को महसूस करने पहुंचते हैं। ऐसे में इमामबाड़े के अंदर की मौजूदा स्थिति प्रदेश की छवि पर भी सवाल खड़े करती है।

धार्मिक स्थल में अनुचित गतिविधियां

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के अनुसार, इमामबाड़े के भीतर आए दिन युवक-युवतियों को कपल के रूप में एकांत में बैठे देखा जा सकता है, जो इस पवित्र स्थल की गरिमा के विपरीत है।
सबसे गंभीर मामला तब सामने आया जब कुछ दिन पहले एक युवक को इमामबाड़े के अंदर पेशाब करते हुए देखा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

हुसैनाबाद बड़ा इमामबाड़ा लखनऊ का ऐतिहासिक स्थल

चौंकाने वाली बात यह है कि वीडियो वायरल होने के बावजूद अब तक न कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही सुरक्षा व्यवस्था में कोई बड़ा सुधार दिखाई दिया।

सुरक्षा और प्रबंधन पर सवाल

  • पर्याप्त निगरानी का अभाव
  • सीसीटीवी कैमरों की प्रभावी मॉनिटरिंग न होना
  • सुरक्षा कर्मियों की कमी
  • धार्मिक आचार-संहिता का पालन न कराया जाना
  • पर्यटकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों का अभाव

इन सभी कारणों से इमामबाड़े की पवित्रता और ऐतिहासिक महत्व दोनों को ठेस पहुंच रही है।

क्या संदेश जा रहा है दुनिया में?

जब विदेशी पर्यटक और देश के अन्य राज्यों से आए श्रद्धालु इस तरह की गतिविधियां देखते हैं, तो उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को लेकर गलत संदेश जाता है।
यह केवल एक धार्मिक स्थल का मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश की प्रतिष्ठा और प्रशासनिक संवेदनशीलता से जुड़ा विषय है।

मुख्यमंत्री से संज्ञान की अपेक्षा

जनभावनाओं को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस मामले का संज्ञान लें और

  • कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
  • स्पष्ट नियमावली
  • नियमों का सख्त पालन
  • दोषियों पर तत्काल कार्रवाई
    सुनिश्चित कराएं, ताकि हुसैनाबाद बड़ा इमामबाड़ा की गरिमा और पवित्रता अक्षुण्ण रह सके।

✍️ प्रधान संपादक मो शोएब की कलम से

“हुसैनाबाद बड़ा इमामबाड़ा केवल एक इमारत नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और तहज़ीब की पहचान है।
अगर आज हम इसकी पवित्रता की रक्षा नहीं कर पाए, तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी।
प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में है और अब समय आ गया है कि जिम्मेदार जवाब दें — केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई हो।”



Post a Comment

0 Comments