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21 वर्षों की सेवा के बाद स्थायीकरण की मांग: आशा-आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन


 स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻 

ऑल आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ता सेवा समिति की ओर से प्रधानमंत्री भारत सरकार को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं के स्थायीकरण, निश्चित वेतन, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य सुविधाओं की मांग उठाई गई है। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया है।

समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा तिवारी ने बताया कि वर्ष 2005 से आशा तथा वर्ष 2014 से आशा संगिनी कार्यकर्ता पोलियो उन्मूलन, टीबी खोज, संचारी रोग नियंत्रण, दस्तक अभियान और कोविड-19 जैसी आपदाओं में निरंतर सेवा देती रही हैं। इसके बावजूद उन्हें निश्चित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और समय पर प्रोत्साहन राशि जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

ज्ञापन में प्रमुख मांगों के रूप में आशा को ₹21,000 और संगिनी को ₹24,000 मासिक वेतन के साथ राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, सेवा निवृत्ति पर एकमुश्त ₹20 लाख और मासिक पेंशन, परिवार के लिए बीमा सुरक्षा, यूनिफॉर्म, प्राथमिक चिकित्सा किट, इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी, 5G टैबलेट/मोबाइल तथा प्रशिक्षण और पदोन्नति के अवसर प्रदान करने की मांग की गई है। साथ ही जननी सुरक्षा योजना एवं अन्य योजनाओं की लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।


समिति ने यह भी कहा कि कार्य के दौरान दिवंगत आशा-संगिनी कार्यकर्ताओं के परिवारों को आर्थिक सहायता एवं नियुक्ति में प्राथमिकता दी जाए तथा अधिकारियों द्वारा अनावश्यक मानसिक प्रताड़ना पर रोक लगाई जाए।

समिति पदाधिकारियों ने आशा व्यक्त की है कि सरकार उनकी 21 वर्षों की सेवा का संज्ञान लेकर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।

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