स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
उत्तर प्रदेश सरकार देश में बढ़ती जनसंख्या के अनुरूप अन्न उत्पादन बढ़ाने के लिए बंजर, ऊसर, असमतल और जलभराव जैसी अनुपजाऊ भूमि को कृषि योग्य बनाने में जुटी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के तहत अब तक 3,07,450 हेक्टेयर से अधिक भूमि को खेती योग्य बनाया जा चुका है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि और कृषि उत्पादन में सुधार हुआ है।
योजना के अंतर्गत बीहड़, बंजर और जलभराव क्षेत्रों के सुधार के लिए राज्य और मनरेगा के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। इसमें लघु, सीमांत किसानों, अनुसूचित जातियों और भू-आवंटियों वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। योजना के तहत भूमि सुधार, कृषि वानिकी और उद्यानीकरण के साथ-साथ उपचारित भूमि पर फसलोत्पादन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि इस पहल से न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि भूजल स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन भी होगा। पिछले पांच वर्षों (2017-18 से 2021-22) में योजना के माध्यम से 1,57,190 हेक्टेयर भूमि को अधिक उपजाऊ बनाया गया और परियोजना क्षेत्र में फसल उत्पादन में औसत 8.58 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, किसानों की आय में 48 प्रतिशत और भूजल स्तर में 1.42 मीटर की वृद्धि हुई।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश की हर अनुपजाऊ भूमि को खेती योग्य बनाकर किसान समृद्धि सुनिश्चित की जाए और प्रदेश के अन्न उत्पादन में स्थायी बढ़ोतरी की जाए।
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