लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन की 'निर्बाध विद्युत आपूर्ति' नीति, सुशासन चार्टर तथा उपभोक्ता कस्टडी अधिकारों की खुली अवहेलना करते हुए बिजली विभाग के स्थानीय अमले की एक संवेदनहीन व अमर्यादित कार्यप्रणाली उजागर हुई है। प्रांतीय राजधानी के काकोरी विकास खंड परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक **ग्राम बहरु** में आज सुबह से ही संपूर्ण बिजली आपूर्ति व्यवस्था विसंगतिपूर्ण ढंग से पूरी तरह ठप पड़ी है। प्रचंड जेठ मास की भीषण तपिश, उमस और चिलचिलाती गर्मी के बीच पूरा गांव अंधकार के साम्राज्य में डूब गया है, जिससे स्थानीय जनजीवन पूरी तरह त्रस्त व बेहाल हो गया है। जिम्मेदार नोडल अधिकारियों की तानाशाही से आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कमान व जिला प्रशासन से लापरवाहों के विरुद्ध दंडात्मक ऐक्शन की मांग बुलंद की है।
प्राप्त प्रामाणिक ग्राउंड जीरो प्रविष्टि के अनुसार, बहरु गांव की विद्युत विसंगति बेहद हैरान करने वाली है। गांव के मुख्य आउटर चौराहे पर विद्युत प्रवाह सुचारू रूप से दौड़ रहा है, किंतु वहां से ग्रामीण आबादी के भीतर आ रही मुख्य एलटी (LT) लाइन और जर्जर तार पूरी तरह बंद पड़े हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस मुख्य संचरण लाइन में आए दिन तकनीकी फाल्ट और स्पार्किंग होती रहती है, जिसका बिजली विभाग के पास कोई स्थायी सुशासनात्मक समाधान नहीं है।
| 📊 प्रभावित क्षेत्र एवं जन-समस्या विलेख प्रविष्टि | ⚖️ प्रशासनिक डिफाल्टर कृत्य एवं कलेक्ट्रेट मांग क्लॉज |
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• प्रभावित स्थल: ग्राम बहरु प्रभाग, थाना काकोरी परिक्षेत्र, लखनऊ। • संकट का स्वरूप: सुबह से मुख्य केबल ठप, पेयजल आपूर्ति बाधित, आवश्यक रोजमर्रा कार्य ठप। • मौसम विसंगति विभीषिका: भीषण ग्रीष्मकालीन उमस व १०० डिग्री से अधिक के तापमान में बच्चे व बुजुर्ग बेहाल। |
• लाइनमैन प्रविष्टि: संपर्क करने पर गैर-जिम्मेदाराना बयान- "ड्यूटी खत्म, हमारी कोई जवाबदेही नहीं।" • पावर हाउस सर्विलांस: उपकेंद्र का आधिकारिक फोन लगातार स्विच ऑफ या अन-अटेंडेड क्लॉज प्रविष्टि। • सर्वोच्च जन मांग: MVVNL कमान के प्रबंध निदेशक (MD) द्वारा जांच व तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाली। |
बहरु गांव के सम्मानित प्रबुद्ध नागरिकों ने जनसुनवाई पटल पर आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि नियमित बिजली बिल प्रविष्टि जमा करने के बावजूद उन्हें यह अमर्यादित प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। पानी की टंकियां खाली होने से पशुधन और पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। जब लाइनमैन ने पल्ला झाड़कर उपकेंद्र पर बात करने को कहा, तो पावर हाउस के जिम्मेदार ऑपरेटरों ने फोन ही बंद कर दिया। बिजली विभाग की इस तानाशाही और संवेदनहीन कार्यशैली के कारण ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है और उन्होंने चेताया है कि यदि जल्द ही फाल्ट को ठीक नहीं किया गया तो वे काकोरी-दुबग्गा मार्ग ग्रिड पर कलेक्ट्रेट प्रदर्शन हेतु बाध्य होंगे।
"काकोरी के बहरु गांव में विद्युत संचरण केबल बंद होने और स्थानीय स्टाफ द्वारा उपभोक्ता कॉल रिसीव न करने का विलेख अत्यंत विचलित करने वाला है। भीषण गर्मी के इस दौर में विद्युत कमान 'कस्टमर फर्स्ट' नीति पर कार्य कर रही है। संबंधित अधिशासी अभियंता (XEN) को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल अतिरिक्त फ्लाइंग स्क्वाड भेजकर बहरु गांव का तकनीकी फाल्ट दुरुस्त कराएं। ड्यूटी खत्म होने का बहाना बनाने वाले लाइनमैन तथा सीयूजी (CUG) फोन बंद रखने वाले उपकेंद्र ऑपरेटर के विरूद्ध कड़ा दंडात्मक ऐक्शन और निलंबन विलेख प्रेषित किया जा रहा है।" — मध्यांचल विद्युत निगम कमान जनसंवाद प्रकोष्ठ बुलेटिन
काकोरी मुख्य कस्बा संभाग, बहरु ग्राम सभा अंचल, दुबग्गा व मलिहाबाद संपर्क मार्ग ग्रिड, बुद्धेश्वर व हरदोई बाईपास सर्किल, कलेक्ट्रेट जनसुनवाई मंचों और जिला बार एसोसिएशन के सम्मानित प्रबुद्ध अधिवक्ताओं, विभिन्न ग्रामीण किसान यूनियनों तथा संभ्रांत नागरिक सुरक्षा समितियों ने कलेक्ट्रेट प्रशासन व एमवीवीएनएल के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि ग्रामीण अंचलों के विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर का सतत भौतिक सर्विलांस कराया जाए। 'सच की आवाज वेब न्यूज' पीड़ित ग्रामीणों की जायज मांगों का पूर्ण मानवीय समर्थन करता है। कलेक्ट्रेट उपभोक्ता संरक्षण एवं शांति समन्वय सेल ने पुनः संपूर्ण सचेत नागरिकों व प्रबुद्ध उपभोक्ताओं से वैधानिक व विनम्र अपील की है कि वे विपरीत परिस्थितियों में संयम बनाए रखें और सुशासनात्मक समाधान हेतु कलेक्ट्रेट डिजिटल माध्यमों का प्रयोग करें। यदि आपके वार्ड, मोहल्ले या ग्रामीण अंचल में ट्रांसफार्मर जलने की विसंगति, मनमानी कटौती, या बिजली कर्मचारियों द्वारा अमर्यादित रिश्वतखोरी/तानाशाही परिलक्षित हो, तो मूकदर्शक न रहें; तत्काल इसकी प्रामाणिक डिजिटल सूचना मध्यांचल टोल-फ्री कमान नंबर **'१९१२'**, जिलाधिकारी जन शिकायत प्रकोष्ठ या मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल **'१०७६'** पर प्रेषित करें। आपकी समयबद्ध सजगता ही सुशासित लखनऊ के प्रकाशमय भविष्य की अभेद्य ढाल है।
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शाहजहांपुर
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