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मलिहाबाद: माधवपुर में सालों से ठप सफाई व्यवस्था, हैंडपंप उगल रहा...

 

🚨 जन-सरोकार कमान / ग्रामीण विकास एवं स्वच्छता विसंगति सर्विलांस
✍️ ब्यूरो रिपोर्ट: रितिक रावत (जर्नलिस्ट रितिक रावत), मलिहाबाद
📅 लखनऊ | 30 मई, 2026
🌐 सच की आवाज वेब न्यूज — कसमंडी खुर्द ग्राम पंचायत विलेख: बीडीओ व प्रधान की लापरवाही से ग्रामीण बीमार, मलिहाबाद विकासखंड कार्यालय से चंद कदमों पर बदहाली

लिहाबाद, लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन की 'स्वच्छ ढांचागत विकास' नीति, 'हर घर जल' मिशन तथा ग्रामीण उपभोक्ता कस्टडी अधिकारों की खुली अवहेलना करते हुए विकासखंड मलिहाबाद के जिम्मेदार प्रशासनिक अमले की एक घोर लापरवाह व संवेदनहीन कार्यप्रणाली उजागर हुई है। ग्राम पंचायत कसमंडी खुर्द के मजरा **माधवपुर** में सफाई व्यवस्था सालों से पूरी तरह ध्वस्त पड़ी है। गांव की नालियां गंदगी से पटी पड़ी हैं और हैंडपंप दूषित पानी उगल रहे हैं, जिससे स्थानीय जनमानस विसंगतिपूर्ण बीमारियों की चपेट में आ रहा है। विकासखंड मुख्यालय से महज चंद कदमों की दूरी पर स्थित इस मजरे की बदहाली से भड़के ग्रामीणों व किसान यूनियन ने कलेक्ट्रेट कमान व जिला प्रशासन से लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक ऐक्शन की मांग बुलंद की है।

🛑 पानी नहीं 'जहर' पीने को मजबूर ग्रामीण, बीडीओ ने नहीं उठाया सीयूजी फोन:

प्राप्त प्रामाणिक ग्राउंड जीरो प्रविष्टि के अनुसार, माधवपुर में स्व. चंद्रशेखर के घर के समीप सरकारी बजट से स्थापित हैंडपंप सालों से अत्यंत खारा, संदेहास्पद व गंदा पानी उगल रहा है, जिसे स्थानीय नागरिकों ने 'जहर' की संज्ञा दी है। इस दूषित जल के उपभोग से कई ग्रामीण डायरिया व संक्रामक रोगों से ग्रसित हो चुके हैं। जन-सुनवाई पटल पर बार-बार शिकायत के बावजूद कोई विलेखीय सुनवाई नहीं हुई। हद तो तब हो गई जब आधिकारिक पक्ष जानने हेतु 'सच की आवाज वेब न्यूज' द्वारा **खंड विकास अधिकारी (BDO) मलिहाबाद** के शासकीय नंबर पर कई बार कॉल किया गया, किंतु उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा, जो उनकी प्रशासनिक तानाशाही को रेखांकित करता है।

📜 माधवपुर ग्रामीण स्वच्छता संकट प्रोफाइल एवं विभागीय सर्विलांस मैट्रिक्स:
📊 प्रभावित क्षेत्र एवं जन-स्वास्थ्य विभीषिका विलेख ⚖️ प्रशासनिक डिफाल्टर कृत्य एवं किसान यूनियन अल्टीमेटम
प्रभावित स्थल: मजरा माधवपुर, ग्राम पंचायत कसमंडी खुर्द, विकासखंड मलिहाबाद, लखनऊ।
संकट का स्वरूप: नालियों में सालों से सिल्ट जमा, लिक्विड वेस्ट ओवरफ्लो, हैंडपंपों का जर्जर व खारा होना पुष्ट।
स्वास्थ्य विसंगति क्लॉज: दूषित जल जनित संक्रामक व्याधियों से ग्रसित हो रहे अबोध बच्चे व ग्रामीण।
जिम्मेदार डिफाल्टर कमान: खंड विकास अधिकारी (BDO) मलिहाबाद एवं स्थानीय ग्राम प्रधान।
अल्टीमेटम रोस्टर: किसान नेता विद्यावती द्वारा कड़ा २४ घंटे का टाइम-फ्रेम निर्धारित।
चेतावनी परिणाम: समय सीमा के भीतर सुधारात्मक विलेख न होने पर जून माह में विशाल कलेक्ट्रेट आंदोलन का ऐलान।
🛡️ 'सीएम योगी के स्वच्छता विज़न को अधिकारी लगा रहे पलीता'—विद्यावती ने दी सीधे कस्टडी आंदोलन की चेतावनी:

माधवपुर अंचल की दयनीय स्थितियों का संज्ञान लेकर ग्राउंड जीरो पर पहुंची किसान नेता व महिला जिला अध्यक्ष **विद्यावती** ने पटी पड़ी नालियों और दूषित नल को देखकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने जनसुनवाई मंच से गरजते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी प्रदेश के हर गाँव में स्वच्छ जल व सैनिटाइजेशन की बात कर रहे हैं, परंतु मलिहाबाद ब्लॉक के आला अधिकारी वातानुकूलित कमरों में बैठकर जन-सरोकारों का दमन कर रहे हैं। यदि आगामी २४ घंटे के भीतर हैंडपंप की मैकेनाइज्ड मरम्मत व नालियों का समूल विमुक्तीकरण नहीं हुआ, तो जून के तपने वाले महीने में विकासखंड कार्यालय का अभेद्य घेराव कर विशाल आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण विधिक व कानून व्यवस्था संबंधी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।

स्वच्छ भारत मिशन के बजट में वित्तीय विसंगति फैलाने वाले प्रधान व सचिव पर कड़ा कलेक्ट्रेट ऐक्शन होगा

"मलिहाबाद के कसमंडी खुर्द (माधवपुर) प्रभाग में सालों से सफाई न होने और सरकारी हैंडपंप के मरम्मत न होने का विलेख अत्यंत चिंताजनक है। खंड विकास अधिकारी द्वारा उपभोक्ता/प्रेस कॉल अटेंड न करना सुशासनात्मक मर्यादा के सर्वथा विपरीत है। जिला विकास अधिकारी (DDO) को पाबंद किया गया है कि वे तत्काल डीपीआरओ (DPRO) की संयुक्त टीम भेजकर माधवपुर में आपातकालीन सफाई व रिबोरिंग कार्य शुरू कराएं। राज्य वित्त व १५वें वित्त आयोग के बजट आहरण के बावजूद यदि धरातल पर कार्य शून्य पाया गया, तो संबंधित ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) व प्रधान के विरुद्ध वित्तीय विसंगति प्रविष्टि दर्ज कर सीधे विधिक कस्टडी रिकवरी (धारा ९५जी) के तहत निलंबन की कार्रवाई प्रेषित की जाएगी।" — जिला विकास एवं सुशासन कमान जनसंपर्क बुलेटिन

मलिहाबाद मुख्य कस्बा संभाग, कसमंडी खुर्द ग्राम सभा, माधवपुर मजरा अंचल, काकोरी व रहीमाबाद संपर्क मार्ग ग्रिड, दुबग्गा व हरदोई हाईवे बेल्ट, विकास भवन जनसुनवाई पटल और जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सम्मानित प्रबुद्ध अधिवक्ताओं, विभिन्न संभ्रांत किसान यूनियनों, महिला अधिकार मंचों तथा जागरूक ग्रामीण कल्याण परिषदों ने 'सच की आवाज वेब न्यूज' के जर्नलिस्ट रितिक रावत द्वारा जनहित के इस कड़वे सच को पूरी निडरता से उजागर करने की सराहना की है। 'सच की आवाज' शोकाकुल व बीमार ग्रामीणों के बुनियादी जीवन अधिकारों की प्राप्ति तक इस मुद्दे पर सतत कमान सर्विलांस बनाए रखेगा। कलेक्ट्रेट नागरिक सुरक्षा एवं जन-स्वास्थ्य समन्वय सेल ने पुनः समस्त ग्रामीण अंचलों के जागरूक नागरिकों से वैधानिक व विनम्र अपील की है कि वे ग्रामीण विकास कार्यों का समय-समय पर सोशल ऑडिट करते रहें। यदि आपके ग्राम समाज, वार्ड या मजरे के भीतर सफाई बजट का गबन, जर्जर पेयजल ग्रिड, अथवा स्थानीय अधिकारियों द्वारा जनसुनवाई बयानों की अमर्यादित अवहेलना परिलक्षित हो, तो मूकदर्शक न रहें; तत्काल इसकी प्रामाणिक डिजिटल सूचना मुख्य विकास अधिकारी (CDO) पटल, जिलाधिकारी जन शिकायत प्रकोष्ठ या मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल **'१०७६'** पर प्रेषित करें। आपकी समयबद्ध सजगता ही सुशासित लखनऊ के स्वच्छ व समृद्ध ग्रामीण परिवेश की अभेद्य ढाल है।

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📈 उत्कृष्ट जन सुशासन, पारदर्शी जवाबदेही कीर्तिमान — प्रशासनिक विसंगतियों का समूल विधिक अंत, ग्रामीण विकास प्रभागों का सतत भौतिक व डिजिटल सर्विलांस और प्रत्येक नागरिक के स्वच्छ पेयजल व बुनियादी अधिकारों के संरक्षण हेतु सदैव समर्पित 'सच की आवाज'।

"जनता के हक की आवाज, हर समय - सच की आवाज वेब न्यूज"

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