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पाहरुआ कलां का ऐतिहासिक कछुआ तालाब बनेगा जैव विविधता संरक्षण का मॉडल केंद्र

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, संरक्षण व सौंदर्यीकरण के दिए निर्देश

शाहजहांपुर। विकास खंड मिर्जापुर के ग्राम पाहरुआ कलां स्थित ऐतिहासिक कछुआ तालाब का निरीक्षण जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह एवं ब्लॉक प्रमुख प्रियांशु रघुवंशी ने किया। निरीक्षण के दौरान तालाब के संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं कछुओं के सुरक्षित आवास के विकास को लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने, जल निकासी व्यवस्था सुधारने, पाथ-वे निर्माण, वृक्षारोपण एवं प्राकृतिक आवास संरक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाब को नेचर बेस्ड सॉल्यूशन के माध्यम से आदर्श जैव विविधता संरक्षण स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

ब्लॉक प्रमुख प्रियांशु रघुवंशी ने कछुआ तालाब को क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए इसके संरक्षण में जनसहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने भगवान विष्णु के कूर्म अवतार का उल्लेख करते हुए कछुओं के धार्मिक एवं पारिस्थितिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान से तालाब का मूल स्वरूप पुनः उभरकर सामने आया है तथा आगामी दो माह में इसे और विकसित किया जाएगा।

कार्यक्रम में स्वच्छता अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रेम सरन शर्मा, ऋषि सिंह, देवसरन शर्मा, धर्मेन्द्र सिंह, रंजीत, अजय शर्मा, बदन सिंह एवं सुरजन सिंह को “कछुआ मित्र सम्मान” प्रदान किया गया। वहीं प्रियांशु रघुवंशी एवं आलोक मिश्रा को कूर्म अवतार की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी सुखवीर सिंह, तहसीलदार सृजत कुमार, क्षेत्रीय वनाधिकारी विशाल रावत, खंड विकास अधिकारी धर्मेश चंद्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। संचालन जिला परियोजना अधिकारी डॉ. विनय कुमार सक्सेना ने किया।

"कछुआ तालाब का संरक्षण हमारी प्राकृतिक विरासत, जैव विविधता और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने का संकल्प है।" — जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह

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