बिजनौर। उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज जनपद बिजनौर के ऐतिहासिक कमान दौरे पर रहे, जहाँ उन्होंने सुशासन और मानवीय संवेदनशीलता का एक अनूठा विलेख प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री जी आज बिजनौर में आयोजित एक भव्य एवं ऐतिहासिक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए, जहाँ उन्होंने दशकों से बुनियादी हकों के लिए संघर्ष कर रहे पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों को कलेक्टिव रूप से 'भूमिधरी अधिकार पत्र' वितरित कर उन्हें जमीन का असली मालिकाना हक सौंपा। इसके साथ ही देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों तथा लीजधारकों को भी कड़ाई से उनके विलेखीय अधिकार पत्र प्रदान किए गए।
इस कमान कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित और मुख्यधारा से दूर छूटे लोगों को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा का कड़ा संबल देना था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी द्वारा केवल विस्थापितों को ही नहीं, बल्कि विकास के कलेक्टिव विलेख के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के पात्र लाभार्थियों को आवंटन पत्र और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत स्वरोजगार अपनाने वाले जिले के युवाओं को कलेक्टिव प्रोत्साहन चेक भी प्रदान किए गए ताकि युवा कमान नेतृत्व संभाल सकें।
🚨 मुख्यमंत्री के कमान बिजनौर दौरे का कलेक्टिव विलेख:
• 🤝 ऐतिहासिक पुनर्वास योजना: पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों एवं देश के जांबाज पूर्व सैनिकों/लीजधारकों को मिला कड़ा भूमिधरी विलेख हक।
• ☕ नारी शक्ति को कमान: स्वयं सहायता समूह की कर्मठ महिलाओं द्वारा कलेक्टिव रूप से संचालित होने वाले 'विविदुन प्रेरणा कैफे' (विदुर प्रेरणा कैफे) का भव्य उद्घाटन।
• 🏭 औद्योगिक विकास आधार: लघु और मध्यम उद्योगों को मजबूती देने के लिए आधुनिक 'कॉमन फैसिलिटी सेंटर' (CFC) का मुख्यमंत्री ने किया कमान शुभारंभ।
| 👑 मुख्य कमान अतिथि | 🎯 मुख्य कलेक्टिव लाभार्थी वर्ग | 🏢 नए कमान सेंटर उद्घाटन |
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श्री योगी आदित्यनाथ जी (माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश) |
• विस्थापित परिवार (1,645) • पूर्व सैनिक एवं लीजधारक • पीएम आवास योजना के पात्र • युवा उद्यमी अभियान लाभार्थी |
• कॉमन फैसिलिटी सेंटर • विदुर प्रेरणा कैफे |
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने महिला सशक्तिकरण को कड़ा संबल देते हुए स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के कलेक्टिव आत्मनिर्भर प्रयासों की सराहना की। उनके द्वारा शुरू किए गए 'विदुर प्रेरणा कैफे' को कमान स्वावलंबन का एक बड़ा प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि विस्थापितों को सम्मान देना और युवाओं को उद्यम के लिए कलेक्टिव वित्तीय सहायता (चेक) प्रदान करना उत्तर प्रदेश के 'सबका साथ, सबका विकास' विलेख को धरातल पर साबित करता है।
"विस्थापित परिवारों को उनकी जमीन का कमान हक सौंपना केवल एक प्रशासनिक कागजी विलेख नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान और सुरक्षा का नया कलेक्टिव जीवन देना है। उत्तर प्रदेश की धरती पर अब हर शोषित को उसका कड़ा विलेखीय अधिकार बिना किसी कमान रुकावट के मिल रहा है।"
'सच की आवाज' वेब न्यूज के माध्यम से हमारे कमान स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव ने इस विकास यात्रा का कलेक्टिव विश्लेषण करते हुए बताया कि सरकार का यह दूरदर्शी कदम पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने में एक कड़ा और सकारात्मक विलेख स्थापित करेगा। विस्थापितों का यह कलेक्टिव पुनर्वास आने वाले समय में राज्य के सुशासन का मॉडल बनेगा।
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