शाहजहाँपुर/लखनऊ। जनपद में उच्च शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ करने और नवगठित शैक्षिक केंद्रों को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए कड़े प्रशासनिक कमान स्तर पर प्रयास तेज हो गए हैं। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से उनके जन्मदिन के पावन अवसर पर लखनऊ में एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार भेंट की। इस कलेक्टिव मुलाकात के दौरान कुलपति ने मुख्यमंत्री को सहर्ष शुभकामनाएं प्रेषित कीं, जिसके बाद मुख्यमंत्री महोदय ने नवनिर्मित विश्वविद्यालय की अब तक की प्रगति की कड़ाई से कमान समीक्षा करते हुए आगामी शैक्षणिक व प्रशासनिक योजनाओं का कलेक्टिव विलेख खंगाला।
विलेख के अनुसार, इस कड़क कमान वार्ता में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, शोध, नवाचार को बढ़ावा देने तथा विश्वविद्यालय की भूमिका को प्रभावी बनाकर वैश्विक रैंकिंग में लाने जैसे गंभीर विषयों पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भूमि हस्तांतरण के उपरांत संपूर्ण परिसर की जमीन पर अब कड़ाई से पूर्ण स्वामित्व विश्वविद्यालय का ही रहेगा। इसके साथ ही परिसर के समस्त मंदिरों और मूर्तियों की देखभाल व कलेक्टिव पूजा-अर्चना का उत्तरदायित्व भी विश्वविद्यालय प्रशासन का होगा।
• 🚫 आजीवन सदस्यता पर कड़ा बैन: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि विश्वविद्यालय की आगामी कार्यपरिषद (Executive Council) में कोई भी सदस्य आजीवन नहीं रहेगा। ट्रस्ट की ओर से 02 सदस्यों को नामित करने का अधिकार स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के पास सुरक्षित रहेगा।
• 🔗 कॉलेजों की कलेक्टिव संबद्धता: विश्वविद्यालय की परिसीमा में आने वाले सभी महाविद्यालयों को पुराने विश्वविद्यालयों से कड़ाई से असंबद्ध कर, नए विश्वविद्यालय से जोड़ने की प्रक्रिया को तीव्रता से पूरा करने का कड़ा कमान आदेश दिया गया।
• 💼 प्रशासनिक पदों पर कड़ा एक्शन: विश्वविद्यालय के कार्यों के तीव्र एवं पारदर्शी संचालन हेतु परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examination) एवं अन्य आवश्यक अधिकारियों की कलेक्टिव नियुक्ति कड़ाई से बहुत जल्द की जाएगी।
| 📍 कमान विमर्श एवं प्रशासनिक एजेंडा | 🎯 कार्यपरिषद (EC) कलेक्टिव गठन व धार्मिक विलेख नियम |
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• संस्था: स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय • कमान प्रणेता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी • प्रगति समीक्षा प्रदाता: कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह • मुख्य विलेख लक्ष्य: वैश्विक रैंकिंग प्राप्त करना व नवाचार |
• ट्रस्ट नामित अधिकार: स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती को 02 सदस्य नामित करने का अधिकार। • सदस्यता विलेख: कार्यपरिषद में 'आजीवन सदस्यता' कड़ाई से अमान्य। • परिसर संपदा विलेख: समस्त मूर्तियों व मंदिरों की कलेक्टिव देखरेख का जिम्मा पूर्णतः विविव प्रशासन का। |
इस अत्यंत महत्वपूर्ण कमान बैठक के बाद संपूर्ण विश्वविद्यालय परिवार, प्राध्यापकों एवं शिक्षाविदों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। सभी ने एक सुर में माना कि मुख्यमंत्री का यह कड़ा और सकारात्मक रुख जनपद व आस-पास के क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को सशक्त, पारदर्शी और पूरी तरह कलेक्टिव रूप से उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक युगांतकारी और मिल का पत्थर साबित होने वाला विलेख है।
"मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह के साथ की गई कलेक्टिव समीक्षा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कड़े प्रशासनिक सुशासन का जीवंत विलेख है। कार्यपरिषद में 'आजीवन सदस्यता' की पुरातन व्यवस्था को कड़ाई से समाप्त करना लोकतांत्रिक व पारदर्शी व्यवस्था की स्थापना की ओर एक ठोस कदम है। इसके अलावा, पुराने विश्वविद्यालयों के चंगुल से स्थानीय महाविद्यालयों को मुक्त कराकर शीघ्र कमान संबद्धता के आदेश और परीक्षा नियंत्रक की तत्काल नियुक्ति का विलेख यह सिद्ध करता है कि प्रदेश सरकार अकादमिक सत्रों को समयबद्ध रखने के लिए पूरी तरह उत्तरदायी है। यह कड़ा नीतिगत दृष्टिकोण विश्वविद्यालय को वैश्विक रैंकिंग में लाने के संकल्प को कलेक्टिव धरातल प्रदान करेगा।"
'सच की आवाज' वेब न्यूज के माध्यम से हमारे कमान कलेक्टिव स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव ने इस शैक्षिक विलेख की कड़क समीक्षा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक कमान प्रदेश के युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा देने और विवि परिसरों की कलेक्टिव व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए पूरी कड़ाई से संकल्पित है।
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