शाहजहाँपुर। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश कृषि निदेशालय के कड़े कमान दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जनपद शाहजहाँपुर में एक बड़े स्तर का कृषि सुशासन चक्र शुरू हो गया है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह द्वारा जारी किए गए कड़े कार्यालय आदेश (पत्रांक- 678/प्रसार/खेत बचाओ अभियान/2026-27) के तहत पूरे जनपद में 01 जून से 30 जून 2026 तक राष्ट्रव्यापी "खेत बचाओ अभियान" पूरी कड़ाई से संचालित किया जा रहा है[span_2](start_span)[span_2](end_span)। इस महाअभियान का मूल विषय "स्वस्थ मृदा-स्वस्थ फसल-समृद्ध किसान" (Healthy Soil - Healthy Crop - Prosperous Farmer) निर्धारित किया गया है, जिसके जरिए उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग, प्राकृतिक खेती और सतत कृषि उपायों के प्रति कृषकों में कलेक्टिव जागरूकता और व्यापक जनभागीदारी बढ़ाना तय हुआ है[span_3](start_span)[span_3](end_span)।
विलेख के अनुसार, इस अभियान के सफल संचालन हेतु जिलाधिकारी स्वयं इस उच्च स्तरीय कमान समिति के अध्यक्ष हैं, जबकि मुख्य विकास अधिकारी सह-अध्यक्ष तथा उप कृषि निदेशक को सदस्य सचिव व नोडल अधिकारी नामित किया गया है[span_4](start_span)[span_4](end_span)। अभियान के तहत 10 जून से 24 जून, 2026 तक विशेष 'सघन खेत बचाओ अभियान' चलाया जाएगा, जिसके लिए कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के तकनीकी अधिकारियों को मिलाकर 03 बहु-विषयक (Multi-Disciplinary) कड़क टीमों का गठन कर दिया गया है[span_5](start_span)[span_5](end_span)। ये टीमें प्रतिदिन दो सत्रों (सुबह 8 से 11 बजे और दोपहर 3 से सायं 6 बजे) में कुल 06 विभिन्न स्थलों पर सघन कलेक्टिव जनसुनवाई, किसान चौपाल और जीवंत कृषि डेमोंस्ट्रेशन आयोजित करेंगी[span_6](start_span)[span_6](end_span)।
• 🌾 प्राकृतिक खेती में जनप्रतिनिधियों का उदाहरण: जो जनप्रतिनिधि स्वयं कृषि कार्य से जुड़े हैं, वे स्वेच्छा से अपनी कम-से-कम 25% कृषि भूमि पर प्राकृतिक खेती अपनाकर किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे[span_7](start_span)[span_7](end_span)।
• 🧪 यूरिया-डीएपी कालाबाज़ारी पर कड़ा हंटर: उर्वरकों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जमाखोरी और दुरुपयोग रोकने के लिए प्रवर्तन व्यवस्था कड़ाई से सुदृढ़ होगी, विशेषकर अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्रों में[span_8](start_span)[span_8](end_span)। यूरिया/डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी, नैनो यूरिया और हरी खाद को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाएगा[span_9](start_span)[span_9](end_span)।
• 🌤️ एल-नीनो (El Niño) व सूखा आकस्मिक योजना: वर्ष के उत्तरार्ध में एल-नीनो के कारण कम वर्षा, तीव्र हीटवेव व सूखे की आशंका के मद्देनजर 'जनपद कृषि आकस्मिकता योजना' का व्यापक प्रचार कर फसल विविवीकरण व नमी संरक्षण तकनीकों का कलेक्टिव पाठ पढ़ाया जाएगा[span_10](start_span)[span_10](end_span)।
• 🍳 खाद्य तेल खपत विलेख: ग्रामीण समुदायों में जीवनशैली बदलकर खाद्य तेल की खपत में न्यूनतम 10 प्रतिशत की कमी लाने हेतु कड़ा जागरूकता संदेश प्रसारित किया जाएगा[span_11](start_span)[span_11](end_span)।
| 📍 ग्राम स्तरीय कलेक्टिव विलेख कार्यक्रम | 🎯 कमान लक्ष्य, प्रदर्शन एवं डिजिटल ट्रैकिंग |
|---|---|
|
• खेत बचाओ समिति बैठक: ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में प्रति ग्राम पंचायत न्यूनतम 02 बैठकें, जिसमें हर बार कम से कम 25 किसान भाग लेंगे[span_12](start_span)[span_12](end_span)। • कृषक चौपाल: स्थानीय कार्मिकों के सहयोग से प्रत्येक ग्राम पंचायत में चौपाल, न्यूनतम 20 कृषकों की सहभागिता अनिवार्य[span_13](start_span)[span_13](end_span)। • मुख्य विमर्श विषय: सॉइल हेल्थ कार्ड, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM), जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत का जीवंत प्रदर्शन[span_14](start_span)[span_14](end_span)। |
• खेत प्रदर्शन (Demonstration): पूरे जनपद में कुल 100 कलेक्टिव वैज्ञानिक प्रदर्शन आयोजित होंगे, प्रत्येक में 10-10 कृषकों को प्रत्यक्ष अनुभव कराया जाएगा[span_15](start_span)[span_15](end_span)। • हितधारक क्षमता संवर्धन: उर्वरक विक्रेताओं, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों एवं एग्री जंक्शन हेतु जनपद स्तर पर 100 प्रतिभागियों का विशेष प्रशिक्षण विलेख[span_16](start_span)[span_16](end_span)। • डिजिटल कमान अनुmonitoring: किसान सारथी व विभागीय पोर्टल पर प्रतिदिन जियो-टैग युक्त फोटोग्राफ, वीडियो और प्रगति विवरण अपलोड करना कड़ाई से अनिवार्य[span_17](start_span)[span_17](end_span)। |
अभियान के अंतर्गत बैंकिंग संस्थानों और नाबार्ड के समन्वय से विकासखण्ड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) संतृप्तीकरण को कलेक्टिव गति दी जाएगी, जिससे अपात्रों को छांटकर वास्तविक पात्र कृषकों तक ई-केसीसी और जनसमर्थ डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संस्थागत कृषि ऋण की कड़ाई से पहुंच सुनिश्चित कराई जा सके[span_18](start_span)[span_18](end_span)। प्रत्येक दिवस के सफल संचालन हेतु जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी व भूमि संरक्षण अधिकारी जैसे जनपद स्तरीय अधिकारियों को 'दिवस अधिकारी' (Day Officer) और प्राविधिक सहायकों को आयोजन स्थल का उत्तरदायी संयोजक नामित किया गया है[span_19](start_span)[span_19](end_span)।
"जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह द्वारा 'खेत बचाओ अभियान' का यह कड़ा समयबद्ध खाका तैयार करना जिले की कृषि व्यवस्था को नया कलेक्टिव धरातल देने वाला विलेख है। रासायनिक खादों के असंतुलित प्रयोग से बंजर होती धरती को बचाने और आसन्न एल-नीनो सूखे के कड़े कमान मुकाबले के लिए 'जनपद कृषि आकस्मिकता योजना' को धरातल पर उतारना बेहद उत्तरदायी कदम है। उर्वरकों की कालाबाज़ारी पर कड़ाई से नकेल कसने के आदेश, जनप्रतिनिधियों को स्वयं २५% भूमि पर प्राकृतिक खेती की प्रेरणा देने का विलेख और हर निस्तारण व प्रदर्शन की कलेक्टिव जियो-टैगिंग मॉनिटरिंग यह सिद्ध करती है कि शाहजहाँपुर प्रशासन केवल कागजी आंकड़ों में नहीं, बल्कि 'स्वस्थ मृदा-स्वस्थ फसल' के व्यावहारिक सुशासन मॉडल को स्थापित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।"
'सच की आवाज' वेब न्यूज के माध्यम से हमारे कमान कलेक्टिव स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव ने इस सुशासन विलेख की कड़क समीक्षा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप शाहजहाँपुर की पूरी प्रशासनिक टीम जनपद के अन्नदाताओं को आत्मनिर्भर, पर्यावरण अनुकूल और जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों से समृद्ध बनाने के लिए पूरी कड़ाई से कटिबद्ध है[span_20](start_span)[span_20](end_span)।
"जनता के हक की आवाज, हर समय - सच की आवाज वेब न्यूज"
Sach Ki Awaz Web News एक स्वतंत्र और विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो निष्पक्ष, सटीक और तेज़ खबरें पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य समाज से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे को बिना किसी पक्षपात के उजागर करना और जनता की आवाज़ को मजबूती से प्रस्तुत करना है। हमारी टीम जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की खबरों को सत्यापन के साथ प्रकाशित करती है, ताकि आपको मिले भरोसेमंद और प्रभावशाली जानकारी—सबसे पहले।
लखनऊ
0 Comments