शाहजहाँपुर। समाज की सबसे मजबूत धुरी यानी 'परिवार' को बिखरने से बचाने और वैवाहिक विवादों को आपसी कलेक्टिव सौहार्द से सुलझाने के लिए शाहजहाँपुर पुलिस कमान धरातल पर कड़ा सुधारात्मक मोर्चा संभाले हुए है। आज दिनांक १० जून २०२६ को श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय, जनपद शाहजहाँपुर के कुशल निर्देशन में पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र पर एक बेहद संवेदनशील एवं कड़े काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया। इस विशेष कलेक्टिव विलेख सत्र के दौरान कुल २८ संवेदनशील पत्रावलियों (मामलों) पर अत्यंत गहनता से सुनवाई की गई, जिसमें से काउंसलिंग टीम के अथक प्रयासों से ०३ उजड़ते हुए परिवारों को परमानेंट टूटने से बचाकर सकुशल विदा किया गया।
विलेख के आधिकारिक पुलिसिया विवरण के अनुसार, इस कलेक्टिव काउंसलिंग सत्र में शराबखोरी, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण खर्च न देने तथा सास-ससुर के कड़वे हस्तक्षेप के कारण अलग रह रहे दंपत्तियों की आमने-सामने लाइव वार्ता कराई गई। केंद्र की कुशल महिला विंग ने कड़े नीतिगत विन्यास के तहत दोनों पक्षों को आपसी अहम त्याग कर सुखी जीवन जीने का कड़ा कमान पाठ पढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप ३ जोड़ों ने एक-दूसरे के साथ गरिमापूर्ण ढंग से रहने का कलेक्टिव संकल्प लिया।
• 🤝 थाना सदर बाजार (04 वर्षीय वैवाहिक विवाद): आवेदिका पति की अत्यधिक शराबखोरी, मारपीट और माता-पिता के अत्यधिक प्रभाव से तंग आकर १ माह से मायके में रह रही थी। टीम की कलेक्टिव वार्ता के बाद पति खर्च उठाने और दुर्व्यवहार न करने पर सहमत हुआ, जिसके बाद दोनों की सकुशल विदाई हुई।
• 🏠 थाना रोजा (01 वर्षीय वैवाहिक विवाद): शराब पीकर मारपीट करने तथा खाना खर्चे हेतु पैसा न देने से उपजे विवाद को काउंसलिंग टीम ने कुशलता से सुलझाया। आवेदिका की मांग पर पति कलेक्टिव रूप से किराए के मकान में पृथक रहने को सहमत हुआ और दोनों साथ रहने को तैयार हुए।
• 🌾 थाना काँट (01 वर्षीय वैवाहिक विवाद): आवेदिका ३ माह से मायके में थी। पति की शराबखोरी व मारपीट के आरोपों के प्रति-उत्तर में पति का कहना था कि पत्नी बात नहीं मानती व अनावश्यक मायके जाती है। दोनों को कड़ा पारिवारिक सुशासन समझाते हुए आपसी सहमति से परमानेंट समझौता कराकर विदा किया गया।
| 👁️ पत्रावली सुनवाई एवं लाइव समाधान विन्यास | 🎯 जांबाज महिला कमान पुलिस टीम विलेख |
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• 📑 कुल पत्रावलियां: 28 मामलों पर लाइव कलेक्टिव सुनवाई। • 💖 सफल गृहस्थी मिलन: 03 दंपत्तियों का परमानेंट समझौता विलेख। • 📍 आयोजन स्थल: पुलिस लाइन, जनपद शाहजहाँपुर। |
• 👮♂️ प्रभारी केंद्र: म०उ०नि० श्रीमती मधु यादव। • 🛡️ कस्टडी काउंसलिंग सहयोगी: महिला मुख्य आरक्षी चंद्रकांता शर्मा, म०आ० मोनिका कुमारी, म०आ० नेहा चौहान। • 👥 सपोर्टिंग विंग: म०आ० शीतल चौहान, म०आ० निशा मिश्रा, म०आ० रश्मि चौधरी आदि। |
"पुलिसिंग का मतलब सिर्फ अपराधियों को सलाखों के पीछे कस्टडी में डालना ही नहीं, बल्कि बिखरते हुए समाज और परिवारों को कलेक्टिव संजीवनी देना भी है। शाहजहाँपुर पुलिस कप्तान के कुशल निर्देशन में म०उ०नि० मधु यादव और उनकी कड़क महिला विंग द्वारा शराबखोरी व कड़वे घरेलू क्लेशों के चक्रव्यूह में फंसे परिवारों को परमानेंट टूटने से बचाना अत्यंत वंदनीय है। न्यायालयों के चक्कर काटने और थानों में मुकदमे दर्ज कराने के बजाय थानों के स्तर (सदर बाजार, रोजा, काँट) से आए विवादों को पुलिस लाइन में बैठकर कमान वार्ता से सुलझाना सुशासन की एक सर्वोत्कृष्ट विलेखीय मिसाल है। 'सच की आवाज' योग्य और मानवीय मूल्यों से ओतप्रोत इस अभेद्य सामाजिक पुलिसिंग ग्रिड की मुक्त कंठ से सराहना करती है।"
'सच की आवाज' वेब न्यूज के माध्यम से हमारे कमान कलेक्टिव स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव ने इस ग्राउंड जीरो विलेख की कड़क पड़ताल करते हुए पुष्टि की है कि विदा हुए तीनों दंपत्तियों को परमानेंट निगरानी ग्रिड में रखा गया है, ताकि उनका भविष्य पूरी शुचिता और कलेक्टिव खुशहाली के साथ सकुशल निरंतर गतिमान रह सके।
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