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स्वामी शुकदेवानन्द विश्वविद्यालय में अधिष्ठाता छात्र कल्याण बोर्ड का गठन

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

छात्र हितों, कल्याणकारी गतिविधियों एवं समग्र विकास को मिलेगा नया आयाम

शाहजहाँपुर, 19 जून 2026। स्वामी शुकदेवानन्द विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास, कल्याण एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण बोर्ड (Dean Student Welfare Board) का गठन किया गया है। यह निर्णय कुलपति प्रो. पुष्पेन्द्र बहादुर सिंह के निर्देश पर लिया गया।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार वाणिज्य विभाग के प्रो. कमलेश गौतम को अधिष्ठाता छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) नियुक्त किया गया है। उनके नेतृत्व में विभिन्न संकायों के शिक्षकों को सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।

गठित बोर्ड में समाजशास्त्र विभाग के डॉ. राजीव कुमार, हिंदी विभाग के श्री दुर्ग विजय, भौतिक विज्ञान विभाग के श्री राजनन्दन सिंह राजपूत, अंग्रेजी विभाग के श्री नीलू कुमार, चित्रकला विभाग की डॉ. अर्चना गर्ग, विधि विभाग के डॉ. अनिल कुमार, व्यावसायिक प्रशासन विभाग की डॉ. महिमा सिंह, अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. रामशंकर पाण्डेय, बीसीए विभाग के श्री राजेश कुमार सक्सेना, रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. संदीप कुमार दीक्षित, शिक्षक शिक्षा विभाग के श्री राम औतार सिंह, वाणिज्य विभाग की डॉ. अपर्णा त्रिपाठी, राजनीति विज्ञान विभाग की कु. व्याख्या सक्सेना, वाणिज्य विभाग के डॉ. मोहिनी शंकर तथा वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ. केशव शुक्ला को सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण नामित किया गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह बोर्ड विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान, छात्र सुविधाओं के विस्तार, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के संचालन, परामर्श सेवाओं तथा व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से संचालित करेगा। साथ ही विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. पुष्पेन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु सकारात्मक, सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण बोर्ड इस लक्ष्य की प्राप्ति में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं सदस्यों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विश्वविद्यालय परिवार को उम्मीद है कि इस नए बोर्ड के गठन से छात्र कल्याण कार्यक्रमों को नई दिशा और गति मिलेगी।

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