शाहजहाँपुर। सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और ई-टेंडरिंग की कड़क व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अपनी कमान का कथित मनमाना उपयोग कर रहे हैं। कार्यालय अधिशासी अभियंता, शारदा नहर खण्ड, शाहजहाँपुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के अंतर्गत विभिन्न नालों व ड्रेनों की सिल्ट सफाई तथा अन्य महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों हेतु लगातार ई-निविदाएं आमंत्रित की गईं। लेकिन बिना किसी न्यायसंगत या ठोस तकनीकी वजह के इन टेंडरों को ३ से ४ बार निकाला गया और फिर अचानक निरस्त (Cancel) कर दिया गया। इस लचर और गैर-जिम्मेदाराना प्रक्रिया के खिलाफ पंजीकृत ठेकेदारों की वेलफेयर सोसाइटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए श्रीमान अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer), शारदा नहर वृत्त को एक लिखित कमान शिकायत विलेख सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
विलेख के अनुसार, बार-बार टेंडर प्रक्रिया को बिना ठोस वजह निरस्त किए जाने से ई-टेंडरिंग प्रणाली की शुचिता और सुशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निविदा में भाग लेने के लिए दूर-दराज के पंजीकृत ठेकेदारों द्वारा निविदा प्रपत्र मूल्य (Tender Fees), GST, स्टेशनरी चार्ज तथा बैंक ड्राफ्ट/धरोहर राशि (EMD) के रूप में हजारों रुपये की कलेक्टिव धनराशि दांव पर लगाई जाती है। अधिशासी अभियंता कार्यालय के इस रवैये से स्थानीय कांट्रैक्टर्स को गहरी आर्थिक चपत लग रही है, जिससे उनमें विभाग के प्रति कड़ा रोष व्याप्त है।
• 💸 ठेकेदारों का कड़ा आर्थिक उत्पीड़न: बार-बार नए टेंडर प्रपत्र खरीदने, बैंक ड्राफ्ट बनवाने और जीएसटी व स्टेशनरी मद में हजारों रुपए बर्बाद होने से कांट्रैक्टर्स का कलेक्टिव दिवाला निकलने की कगार पर है।
• 🌧️ जनहित की घोर उपेक्षा व बाढ़ का खतरा: वर्षा ऋतु सिर पर है। समय रहते ड्रेनों व नहरों की कड़ाई से सिल्ट सफाई न होने के कारण ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में भयंकर जलभराव तथा बाढ़ जैसी विभीषिका उत्पन्न होने का कड़ा खतरा मंडरा रहा है।
• 🔍 पारदर्शिता का पूर्ण अभाव: अधिशासी अभियंता कार्यालय द्वारा निरस्त किए गए टेंडरों (जैसे निविदा सूचना संख्या: 03/2025-26, 04/2025-26, 01/2026-27 आदि) के पीछे कोई भी सार्वजनिक या तकनीकी कारण प्रदर्शित नहीं किया गया है।
| 📍 संदेह के घेरे में आई निविदाएं | 🎯 अधीक्षण अभियंता से की गई कड़क कमान मांगें |
|---|---|
|
• निविदा संख्या: 03/अधि०अभि०/2025-26 • निविदा संख्या: 04/अधि०अभि०/2025-26 • निविदा संख्या: 01/अधि०अभि०/2026-27 • प्रभावित कार्य: ड्रेनों की सिल्ट सफाई व निर्माण विलेख। |
• इस पूरे प्रकरण की कलेक्टिव उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। • बिना कारण बार-बार निविदा निरस्त करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कड़ा दंड दिया जाए। • मानसून पूर्व जनहित को देखते हुए टेंडरों को पारदर्शी ढंग से तत्काल अंतिम रूप (Finalize) दिया जाए। |
"शाहजहाँपुर के शारदा नहर खंड में सिल्ट सफाई के टेंडरों को तीन से चार बार निकालकर बिना किसी वैध तकनीकी कारण के निरस्त करना प्रशासनिक कमान के ढीलेपन और अकर्मण्यता का स्पष्ट विलेख है। मानसून आने को है, ऐसे में ड्रेनों की सफाई लटकने से हजारों किसानों की फसलें जलमग्न हो सकती हैं। निविदा प्रक्रिया में भाग लेने वाले स्थानीय ठेकेदारों की पूंजी को विभागीय लूप-होल्स की भेंट चढ़ा देना कतई न्यायसंगत नहीं है। अधीक्षण अभियंता महोदय को इस कलेक्टिव शिकायत विलेख का स्वतः संज्ञान लेते हुए अधिशासी अभियंता कार्यालय के इस कृत्य की सघन जांच करानी चाहिए, ताकि ई-प्रोक्योरमेंट की पारदर्शिता और जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी कड़ाई से अक्षुण्ण बनी रहे।"
'सच की आवाज' वेब न्यूज के माध्यम से हमारे कमान कलेक्टिव स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव ने इस भ्रष्टाचार और लापरवाही जन्य विलेख की कड़क समीक्षा करते हुए बताया कि जनपद शाहजहाँपुर की जनहित से जुड़ी इस गंभीर टेंडर गड़बड़ी को लेकर उच्चाधिकारी क्या कड़ा एक्शन लेते हैं, इस पर 'सच की आवाज' की कलेक्टिव नजर पूरी कड़ाई से बनी रहेगी।
"जनता के हक की आवाज, हर समय - सच की आवाज वेब न्यूज"
Sach Ki Awaz Web News एक स्वतंत्र और विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो निष्पक्ष, सटीक और तेज़ खबरें पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य समाज से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे को बिना किसी पक्षपात के उजागर करना और जनता की आवाज़ को मजबूती से प्रस्तुत करना है। हमारी टीम जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की खबरों को सत्यापन के साथ प्रकाशित करती है, ताकि आपको मिले भरोसेमंद और प्रभावशाली जानकारी—सबसे पहले।
लखनऊ
0 Comments