सकरन (सीतापुर)।
थाना क्षेत्र सकरन में बीते रविवार की रात वन विभाग की मिलीभगत से हरे-भरे पेड़ों पर आरा चल गया। अलग-अलग गांवों में एक ही रात सैकड़ों देशी आम और जामुन के साथ कई कदम्ब, बेल, बबूल व पाकड़ के पेड़ धराशायी कर दिए गए।
जानकारी के अनुसार, लालेपुरवा गांव में लकड़कट्टों ने वन विभाग की शह पर करीब एक सैकड़ा आम व जामुन के पेड़ काट डाले। वहीं दम्मन बेलवा में 3 आम और 4 जामुन के विशाल वृक्ष गिरा दिए गए।
रउवापुर नेवादा ग्राम पंचायत में पूर्व प्रधान पुत्ती लाल द्वारा निधि से लगाए गए कदम्ब के दो पेड़ गांव निवासी बांके लाल और भंगहा निवासी एक कथित पत्रकार मिथलेश ने मिलकर कटवा कर बेच दिए।
इसी तरह रुद्रपुर गांव में मो. इकबाल खान ने अपने खेत किनारे लगे 4 जामुन के पेड़ वनकर्मी अकील अहमद की मिलीभगत से कटवा दिए।
सूत्रों के मुताबिक, बाछेपुर में ठेकेदार मो. हामिद खां और पत्रकार मिथलेश से बबूल व पाकड़ के पेड़ों पर कमीशन न मिलने के चलते 5 हजार रुपये जुर्माना वसूल किया गया, लेकिन रसीद नहीं दी गई। आरोप है कि इसके बाद मिथलेश को सरकारी जमीन पर लगे कदम्ब के पेड़ काटने की मौखिक अनुमति दे दी गई।
इस मामले में जब रेंजर बिसवां अहमद कमाल सिद्दीकी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन लगातार अनरिचेबल ही मिला।
एक ही रात अलग-अलग गांवों में प्रतिबंधित प्रजातियों के दर्जनों वृक्षों के कटने से पुलिस और वन विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो हरियाली खत्म होकर पर्यावरण पर बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।
Sach Ki Awaz Web News एक स्वतंत्र और विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो निष्पक्ष, सटीक और तेज़ खबरें पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य समाज से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे को बिना किसी पक्षपात के उजागर करना और जनता की आवाज़ को मजबूती से प्रस्तुत करना है। हमारी टीम जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की खबरों को सत्यापन के साथ प्रकाशित करती है, ताकि आपको मिले भरोसेमंद और प्रभावशाली जानकारी—सबसे पहले।
0 Comments