![]() |
| भास्कर न्यूज़ नेटवर्क, मुंबई के अख़बार में प्रकाशित खबर की कटिंग |
संवाददाता लखनऊ
वर्ष 2025 समाप्त होते ही किसान संगठनों ने केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा भारत और भारतीय किसान मजदूर यूनियन (दसहरी संगठन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव दसहरी ने बयान जारी कर दावा किया कि कम दामों के कारण वर्ष 2025 में देश के किसानों को फसलों पर करीब 15 लाख करोड़ रुपये और दूध उत्पादन पर लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
मनीष यादव दसहरी ने कहा कि किसानों को हर साल की तरह इस वर्ष भी उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि किसानों को “नुकसान का पुरस्कार” मिला है और सरकार के “अच्छे दिन” के वादे आज भी पूरे नहीं हो सके हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि वर्ष 2026 में किसानों के लिए क्या ठोस योजना है। क्या नुकसान का यह आंकड़ा और बढ़ेगा या सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी गारंटी देकर किसानों को राहत देगी।
किसान नेता ने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियों के कारण किसान लगातार घाटे में जा रहा है, जबकि उसकी मेहनत का लाभ बिचौलियों और बड़ी कंपनियों को मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि किसानों की लूट बंद की जाए, एमएसपी को कानूनी दर्जा दिया जाए और कृषि को लाभकारी बनाया जाए, ताकि देश का अन्नदाता सम्मान के साथ जीवन यापन कर सके।
Sach Ki Awaz Web News एक स्वतंत्र और विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो निष्पक्ष, सटीक और तेज़ खबरें पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य समाज से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे को बिना किसी पक्षपात के उजागर करना और जनता की आवाज़ को मजबूती से प्रस्तुत करना है। हमारी टीम जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की खबरों को सत्यापन के साथ प्रकाशित करती है, ताकि आपको मिले भरोसेमंद और प्रभावशाली जानकारी—सबसे पहले।
0 Comments