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बी.आर.सी. माछरा पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

 

ब्यूरो चीफ तशरीफ़ अली, मेरठ ✍️

माछरा (मेरठ)।
ब्लॉक संसाधन केंद्र (बी.आर.सी.) माछरा पर को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकत्रियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम समावेशी शिक्षा के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की पहचान, उनके अधिकारों और शैक्षिक विकास को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित करना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी माछरा श्री अजय कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यशाला अत्यंत महत्वपूर्ण है और सभी प्रतिभागियों को पूर्ण मनोयोग से प्रशिक्षण ग्रहण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों में संवाद, चर्चा और सहभागिता के माध्यम से समझ विकसित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
खंड शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि “दिव्यांग बच्चों के लिए केवल सहानुभूति पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें समुचित सुविधा, समर्पण और जागरूकता की आवश्यकता है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की जागरूकता ही इन बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बना सकती है, इसलिए बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों में भी जागरूकता लाना आवश्यक है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष शिक्षक शिवकेश तिवारी, प्रमोद कुमार एवं प्रदेशीय प्रशिक्षक तशरीफ़ अली (रिसोर्स पर्सन) द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें बच्चों की अभिवृद्धि एवं विकास, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016, दिव्यांगता की शीघ्र पहचान, शारीरिक बाधाओं की स्क्रीनिंग हेतु चेकलिस्ट तैयार करना जैसे विषय शामिल रहे।

इसके साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं—जैसे सहायक उपकरण वितरण, विशेष छात्रवृत्ति, समेकित शिक्षा कार्यक्रम, परिवहन सुविधा, होम बेस्ड एजुकेशन एवं समावेशी शिक्षा—के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर रूबी, रमाराव, विशाखा, अंकिता त्यागी सहित अन्य उपस्थित रहीं। वहीं बी.आर.सी. माछरा के स्टाफ से इकबाल अहमद, प्रेमचंद, चारू शर्मा, चांद मोहम्मद, इमरान अहमद, अमरीश कुमार शर्मा, सोनू कुमार सहित अन्य कर्मियों का भी कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष योगदान रहा।

तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास एवं समावेशी शिक्षा को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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