शाहजहांपुर | 22 दिसंबर।
स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग के लिए यह गर्व का क्षण है कि विभाग के शिक्षकों द्वारा किए गए महत्वपूर्ण शोध को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि पर मुमुक्षु शिक्षा संकुल के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद, सचिव प्रो. ए.के. मिश्रा एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश कुमार आज़ाद ने हर्ष व्यक्त करते हुए शोधकर्ताओं को बधाई दी।
रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा परिषद द्वारा जनपद शाहजहांपुर में जल प्रदूषण के अध्ययन हेतु शोध अनुदान प्रदान किया गया था। इसी शोध के अंतर्गत प्रदूषित जल से विषैले क्रोमियम धातु को पृथक करने हेतु एक्टिवेटेड कार्बन फ़िल्टर पर आधारित एक प्रोटोटाइप उपकरण का डिज़ाइन विकसित किया गया, जिसे भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा पेटेंट प्रदान किया गया है।
पेटेंट के संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य शोधकर्ता डॉ. आलोक कुमार सिंह ने बताया कि जल में क्रोमियम प्रदूषण के प्रमुख स्रोत शहरी, घरेलू एवं औद्योगिक अपशिष्ट, चमड़ा उद्योग, कृषि में कीटनाशकों व उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग तथा जल स्रोतों में कचरे का निपटान और जमाव हैं। इसके अतिरिक्त वस्त्र एवं कालीन उद्योगों में प्रयुक्त रंग, पेंट, स्याही तथा रंगीन प्लास्टिक भी क्रोमियम प्रदूषण को बढ़ाने में योगदान देते हैं।
उन्होंने बताया कि क्रोमियम से प्रदूषित जल मानव शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक है, जिससे पाचन तंत्र, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल तंत्र, यकृत, फेफड़े एवं जननांग कैंसर, मूत्र, श्वसन तथा प्रतिरक्षा प्रणाली में गंभीर विकार उत्पन्न हो सकते हैं।
इस महत्वपूर्ण शोध कार्य में डॉ. संदीप कुमार दीक्षित, डॉ. चंदन गिरि गोस्वामी, शशांक शेखर एवं मंजीत सिंह भी शामिल रहे। पेटेंट प्राप्त होने पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षकों ने शोध टीम को शुभकामनाएं देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।
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