शाहजहाँपुर।
जनपद शाहजहाँपुर में जिला गंगा समिति, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया एवं वन विभाग शाहजहाँपुर के संयुक्त तत्वावधान में संचालित समुदाय आधारित कछुआ संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत रामगंगा नदी में 555 कछुओं के शावकों का विमोचन किया गया। यह कार्यक्रम विकास खण्ड जलालाबाद के अंतर्गत रामगंगा नदी तट स्थित गोरा घाट पर आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह एवं प्रभागीय वनाधिकारी सचिन कुमार ने संरक्षित कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास रामगंगा नदी में छोड़कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि नदियाँ माँ के समान पूजनीय हैं और कछुए नदी के पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण अंग हैं। उन्होंने बताया कि कछुए नदियों की स्वाभाविक सफाई में सहायक होते हैं तथा नदियाँ भू-जल स्तर का प्रमुख स्रोत हैं, जिन्हें संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रभागीय वनाधिकारी सचिन कुमार ने रामगंगा नदी में पाई जाने वाली कछुओं की प्रमुख प्रजातियों बगाटुर ढोंगोका एवं पंगशुरा टेंटोरिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत इस वर्ष अब तक की सर्वाधिक संख्या 555 कछुओं को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया है, जो विगत कई वर्षों में संरक्षित कछुओं की तुलना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कछुओं को नदी के बेहतर स्वास्थ्य का प्रतीक बताया।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के समन्वयक डॉ. मोहम्मद आलम ने रामगंगा नदी के उद्गम से लेकर गंगा में संगम तक विभिन्न जिलों में किए जा रहे संरक्षण कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने पर्यावरणीय प्रवाह, कृषि, जल प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण एवं औद्योगिक इकाइयों के साथ किए गए जल संरक्षण प्रयासों पर प्रकाश डाला।
समन्वयक डॉ. हरिमोहन मीना ने ग्रामीणों के सहयोग से कछुआ अंडों के संरक्षण, हैचिंग प्रक्रिया, स्वास्थ्य परीक्षण, वैज्ञानिक परीक्षण एवं बायोमैट्रिक प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने आभार व्यक्त किया। विमोचन कार्यक्रम में ग्रामवासियों ने आध्यात्मिक जुड़ाव के साथ बढ़-चढ़कर सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन जिला परियोजना अधिकारी, जिला गंगा समिति डॉ. विनय कुमार सक्सेना ने किया।
इस अवसर पर लीड जलीय जैव विविधता समन्वयक डॉ. गौरा चन्द्र दास, रामऔतार, सीटू, आलोक मिश्रा, राकेश कुमार पाण्डेय, क्षेत्रीय वनाधिकारी विशाल रावत, वन दरोगा हरीलाल यादव, वन रक्षक अजीत सिंह, नवील अहमद सहित वन विभाग का स्टाफ एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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