ब्यूरो रिपोर्ट: सुधीर सिंह कुम्भाणी | सीतापुर
सीतापुर। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी संगठनों ने रविवार, 05 जनवरी 2026 को प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन करते हुए पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने 29 नवंबर 2025 को जारी किए गए कार्यवृत्त की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों का आरोप है कि यह कार्यवृत्त 26 नवंबर 2025 को प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई बैठक में बनी सहमति के अनुरूप नहीं है।
सीतापुर सहित प्रदेश के कई जनपदों में हुए इन प्रदर्शनों का मुख्य कारण 26 नवंबर 2025 की बैठक में तय बिंदुओं की अनदेखी बताया जा रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बैठक में कई अहम मुद्दों पर स्पष्ट सहमति बनी थी, लेकिन इसके बावजूद प्रबंधन ने अलग और भ्रामक कार्यवृत्त जारी कर कर्मचारियों के साथ अन्याय किया है।
बैठक में यह सहमति बनी थी कि पावर कॉर्पोरेशन के 15 मई 2017 के आदेश का उल्लंघन करते हुए किसी भी कर्मचारी को कार्य से नहीं हटाया जाएगा। साथ ही, 55 वर्ष की आयु का हवाला देकर हटाए गए कर्मचारियों को रिक्त पदों पर पुनः तैनात किया जाएगा। इसके अलावा यह भी तय हुआ था कि वर्टिकल व्यवस्था लागू होने की स्थिति में किसी भी कर्मचारी को कार्य से नहीं हटाया जाएगा।
बैठक में माननीय ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन द्वारा 18 सितंबर 2025 को जारी आदेश का पालन सुनिश्चित करने तथा मीटर रीडिंग का कार्य कर रहे कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किए जाने के मामलों की जांच कराने पर भी सहमति बनी थी।
कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि 29 नवंबर 2025 को जारी किया गया कार्यवृत्त इन सभी सहमतियों से भिन्न है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाते हुए कार्यवृत्त की प्रतियां जलाकर अपना रोष प्रकट किया।
सीतापुर में हुए प्रदर्शन की पुष्टि करते हुए जिला अध्यक्ष सुखविंदर सिंह ने कहा कि यदि प्रबंधन ने जल्द ही 26 नवंबर की बैठक में बनी सहमतियों के अनुरूप संशोधित कार्यवृत्त जारी नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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