संवाददाता: सुधीर सिंह कुम्भाणी | बिसवां/सीतापुर
सकरन क्षेत्र में उपभोक्ताओं के लिए बढ़ती महंगाई और मिलावटी खाद्य उत्पादों की समस्या गंभीर रूप ले रही है। स्थानीय दुकानों में तंबाकू उत्पादों और सिगरेटों की बिक्री निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से ऊपर की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि 10 रुपये में मिलने वाला “कमला पसंद” गुटखा अब 12 रुपये में बेचा जा रहा है, जबकि 7-8 रुपये की सिगरेट 10 रुपये में बिक रही है। पैकेट पर एमआरपी अंकित होने के बावजूद दुकानदार अतिरिक्त वसूली कर रहे हैं, जो लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट का उल्लंघन है।
सिर्फ महंगाई ही नहीं, सकरन और शाहपुर क्षेत्र में मिलावटी गुड़ का भी कारोबार जोर पकड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार कुछ बाहरी समूह स्थानीय मिलावटी गुड़ निर्माण के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक अवैध कारोबार कर रहे हैं, और इसे सत्ता संरक्षण मिल रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो यह क्षेत्र मिलावटी खाद्य पदार्थ और ब्लैक मार्केटिंग का हब बन सकता है। छोटे दुकानदारों का दावा है कि उन्हें महंगे दाम पर सामान मिल रहा है, इसलिए मजबूरी में एमआरपी से अधिक मूल्य वसूलना पड़ रहा है।
सवाल यह है कि प्रशासन कब जागेगा और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। यदि अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो इसके गंभीर नतीजे स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था दोनों पर पड़ सकते हैं।
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