Breaking News

एमडीए अभियान को सशक्त बनाने हेतु मीडिया कार्यशाला आयोजित, 10 फरवरी से 3 लाख से अधिक लोगों को दी जाएगी ट्रिपल ड्रग थेरेपी


स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻 

शाहजहांपुर में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 10 से 28 फरवरी 2026 तक सामूहिक दवा सेवन (एमडीए/आईडीए) अभियान चलाया जाएगा। अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में जिले के एक होटल में मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में मीडियाकर्मियों को फाइलेरिया की गंभीरता, अभियान की रणनीति तथा संभावित चुनौतियों की विस्तृत जानकारी दी गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि जनपद के 16 में से 13 ब्लॉकों में इस वर्ष एमडीए अभियान संचालित होगा, जिसके तहत लगभग 30 लाख से अधिक आबादी को कवर किया जाएगा। अभियान के लिए 2,832 टीमों तथा 5,664 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटरों—जिनमें आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं—की तैनाती की गई है। साथ ही 499 सुपरवाइजर निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक शाहजहांपुर को पूर्णतः फाइलेरिया-मुक्त बनाना लक्ष्य है, जिसके लिए कम से कम 90 प्रतिशत पात्र नागरिकों द्वारा दवा सेवन आवश्यक है।

एसीएमओ डॉ. प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि एक वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी पात्र नागरिकों को ट्रिपल ड्रग थेरेपी के तहत डीईसी, एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन की निर्धारित खुराक स्वास्थ्यकर्मी की उपस्थिति में दी जाएगी।

बरेली मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ डॉ. मेधावी अग्रवाल ने कहा कि लक्षित लाभार्थियों में 90 प्रतिशत दवा सेवन सुनिश्चित होने पर ही समुदाय को सुरक्षित बनाया जा सकता है। उन्होंने फाइलेरिया के लक्षण, बचाव और उपचार संबंधी जानकारी देते हुए मीडिया से अभियान को जन-आंदोलन बनाने में सहयोग की अपील की।

जिला मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्य ने बताया कि अभियान की तैयारियाँ बहुस्तरीय रूप से पूरी की जा रही हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं तथा दवाओं का वितरण ब्लॉकों तक किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि दवा खाली पेट न लें, स्वास्थ्यकर्मी के सामने ही सेवन करें और हल्के लक्षणों से घबराएँ नहीं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनपद में वर्तमान में 2,150 लिम्फोडिमा तथा 538 हाइड्रोसील रोगी सूचीबद्ध हैं। लिम्फोडिमा रोगियों को एमएमडीपी किट के माध्यम से उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि हाइड्रोसील रोगियों का उपचार शल्य चिकित्सा से किया जा रहा है।

कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, सहयोगी संस्थाओं—पाथ, पीसीआई और सीफार—के प्रतिनिधि तथा विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकार उपस्थित रहे।


Post a Comment

0 Comments