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कैंसर विजेता शशांक पटेल की सकारात्मक.....

🎗️ नेशनल कैंसर सर्वाइवर्स डे / कलेक्टिव प्रेरणा विलेख
✍️ कमान ब्यूरो: योगेंद्र सिंह यादव, स्टेट ब्यूरो हेड, उत्तर प्रदेश
📅 शाहजहाँपुर-लखनऊ | 07 जून, 2026
🌐 सच की आवाज वेब न्यूज — बाल कैंसर कलेक्टिव चेतना बुलेटिन: २०MD ट्यूमर को मात देकर केजीएमयू में सोशल कमान संभाली, यूपी हेल्पलाइन नंबर जारी

शाहजहाँपुर-लखनऊ। नेशनल कैंसर सर्वाइवर्स डे के पावन अवसर पर शहीदों की पावन धरती शाहजहांपुर के ग्राम हुसैनपुर कबरा के एक जांबाज युवा ने अपनी सकारात्मक सोच और कड़े हौसले का ऐसा कलेक्टिव विलेख तैयार किया है, जो आज देश और प्रदेश के हजारों लोगों के लिए नजीर बन चुका है। ग्राम हुसैनपुर कबरा निवासी 28 वर्षीय शशांक पटेल अपनी सकारात्मक सोच और जिंदादिली के दम पर आज सैंकड़ों कैंसर पीड़ित बच्चों की सबसे बड़ी कमान ताकत बन चुके हैं। वर्ष 2009 में शशांक खुद 'नूरोफाइरोसारकोमा ट्यूमर' जैसी घातक बीमारी से पीड़ित थे, लेकिन खुश रहकर बीमारी को कड़ाई से शिकस्त देने का उनका कलेक्टिव नुस्खा इतना कारगर सिद्ध हुआ कि आखिरकार कैंसर को उनके हौसले के आगे घुटने टेकने पड़े।

विलेख के अनुसार, शशांक का यह सफर संघर्षों की कड़क धूप से होकर गुजरा है। इलाज के दौरान उनके पापा की नौकरी चली गई। शशांक का सपना भारतीय सेना (Army) ज्वाइन करने का था, परंतु मेजर सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी होने के कारण चिकित्सा नियमों के तहत यह संभव नहीं हो सका। निराश होने के बजाय शशांक ने एक नया कमान निर्णय लिया कि वे अब ताउम्र कैंसर पीड़ित मासूम बच्चों को नया जीवन देने के लिए काम करेंगे। इसी कलेक्टिव संकल्प के साथ वर्ष 2018 में उन्होंने बाल रोग विभाग, केजीएमयू (KGMU) लखनऊ में संचालित 'कैनकिड्स' संस्था में सोशल वर्कर के पद पर कमान संभाली।

📜 'कैनकिड्स' कलेक्टिव सपोर्ट एवं चेतना विलेख के मुख्य कमान बिंदु:

• 🤝 काउंसलिंग से कड़ा डर निवारण: शशांक केजीएमयू में भर्ती कैंसर पीड़ित बच्चों और उनके माता-पिता की सघन कलेक्टिव काउंसलिंग कर उनके भीतर से बीमारी का डर पूरी कड़ाई से बाहर निकालते हैं।
• 🏥 ६-स्तरीय कमान सहायता विलेख: कैनकिड्स संस्था के माध्यम से कैंसर पीड़ित बच्चों के लिए वित्तीय (Financial), मनोवैज्ञानिक (Psychological), चिकित्सीय (Medical), शैक्षणिक (Education), ब्लड सपोर्ट एवं रहने हेतु कलेक्टिव आवास की निःशुल्क सुविधा दी जा रही है।
• 📊 चाइल्डहुड कैंसर का खतरनाक इंडेक्स: उत्तर प्रदेश में 0 से 19 वर्ष तक की उम्र के लगभग 14,700 बच्चे प्रतिवर्ष कैंसर के कड़े शिकार होते हैं, जो देश में सर्वाधिक है। चिंताजनक तथ्य यह है कि इनमें से केवल 42% मरीज ही स्वास्थ्य सेवा प्राप्त कर पा रहे हैं, जबकि 58% उपचार केंद्र तक नहीं पहुंच पाते।
• 📞 आधिकारिक कमान स्टेट हेल्पलाइन: शशांक पटेल ने आशा बहुओं और एएनएम से कलेक्टिव अपील की है कि शुरुआती लक्षण दिखने पर अभिभावक तुरंत कैनकिड्स संस्था उत्तर प्रदेश के कमान हेल्पलाइन नंबर 9811284406 पर कॉल करके निशुल्क मदद ले सकते हैं।

📊 कलेक्टिव स्वास्थ्य जागरूकता कमान एवं प्रशिक्षण इंडेक्स:
📍 कमान मिशन एवं सम्बद्ध संस्थाएं 🎯 कलेक्टिव प्रशिक्षण एवं जागरूकता लक्ष्य विलेख
कमान मिशन: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) उत्तर प्रदेश।
क्रियान्वयन सहयोगी: कैनकिड्स संस्था (बाल विभाग केजीएमयू)
मूल एजेंडा: इलाज में होने वाली देरी व असमय मृत्यु को कड़ाई से रोकना।
भौगोलिक कमान कवरेज: उत्तर प्रदेश के लगभग 65 कलेक्टिव जनपद।
प्रशिक्षण विलेख शक्ति: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) में लगभग 15,000 आशा वर्करों और एएनएम (ANM) को कड़क प्रशिक्षण।

शशांक पटेल का अब कड़ा कलेक्टिव मकसद यह है कि प्रदेश के कोने-कोने में हर एक माता-पिता तक यह कड़ा संदेश पहुंचे कि बच्चों में होने वाले कैंसर का शत-प्रतिशत सटीक इलाज संभव है। यदि सही समय पर लक्षणों की पहचान कर ली जाए, तो कमान स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से मासूमों की जिंदगी को कड़ाई से सुरक्षित किया जा सकता है।

🎖️ 'सच की आवाज' कड़क सुशासन एवं समाज नीति समीक्षा विलेख:

"शाहजहांपुर की मिट्टी से निकले सर्वाइवर शशांक पटेल द्वारा केजीएमयू और कैनकिड्स के मंच से बाल कैंसर के खिलाफ यह महासंग्राम छेड़ना सुदृढ़ सामाजिक सुशासन का जीवंत विलेख है। ५८ प्रतिशत बच्चे उपचार केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, इस कड़वे सच को भांपकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से ६५ जिलों की १५,००० आशा व एएनएम को कलेक्टिव कमान प्रशिक्षण देना एक ऐतिहासिक कदम है। सेना में न जा पाने के व्यक्तिगत मलाल को किनारे रखकर हजारों बच्चों के जीवन की रक्षा हेतु स्वयं को सोशल कमान कस्टडी में समर्पित करना शशांक को एक सच्चा राष्ट्र नायक बनाता है। उनका यह कलेक्टिव प्रयास प्रदेश में असमय होने वाली बाल मृत्यु दर को कड़ाई से रोकने के लिए पूर्णतः उत्तरदायी है।"

'सच की आवाज' वेब न्यूज के माध्यम से हमारे कमान कलेक्टिव स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव ने इस मानवीय चेतना विलेख की कड़क समीक्षा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य ढांचा शशांक जैसे कर्मठ कमान योद्धाओं के दम पर बाल कैंसर की कलेक्टिव चुनौती को ध्वस्त करने के लिए पूरी कड़ाई से कटिबद्ध है।

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📈 अभेद्य सुशासन, कड़ा प्रशासनिक कमान और उत्तर प्रदेश की हर कलेक्टिव व विलेखीय Ground Breaking सच्चाई आप तक पहुँचाने के लिए सदैव तत्पर 'सच की आवाज'।

"जनता के हक की आवाज, हर समय - सच की आवाज वेब न्यूज"

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