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जलालाबाद का नाम बदलकर 'परशुरामपुरी' किए जाने के निर्णय का मंत्री ए.के. शर्मा ने किया स्वागत

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

भगवान परशुराम की जन्मस्थली को मिली नई पहचान, सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया गौरव

शाहजहाँपुर, 06 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्रीपरिषद द्वारा शाहजहाँपुर जनपद की नगर पालिका परिषद जलालाबाद का नाम बदलकर "परशुरामपुरी" किए जाने के निर्णय का नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने स्वागत करते हुए इसे प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत के सम्मान की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

मंत्री श्री शर्मा ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं मंत्रीपरिषद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला प्रदेशवासियों की भावनाओं, जनप्रतिनिधियों की लंबे समय से चली आ रही मांग तथा भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप लिया गया है। इससे भगवान परशुराम की जन्मस्थली को नई पहचान मिलेगी और धार्मिक महत्व को और अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त होगी।

उन्होंने कहा कि शाहजहाँपुर स्थित भगवान परशुराम की जन्मस्थली एवं महर्षि जमदग्नि की तपोस्थली का नाम मुगल शासनकाल में जलालाबाद कर दिया गया था। लंबे समय से स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की मांग थी कि इस पवित्र स्थल का नाम बदलकर "परशुरामपुरी" रखा जाए। मंत्रीपरिषद के इस निर्णय से करोड़ों श्रद्धालुओं और प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान हुआ है।

श्री शर्मा ने बताया कि नगर विकास विभाग के प्रस्ताव पर भारत सरकार से अनापत्ति प्राप्त होने के बाद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रीपरिषद ने इस नाम परिवर्तन को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सशक्त करेगा तथा हमारी प्राचीन परंपराओं, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है, जो प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों और जनभावनाओं को सम्मान देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध परंपराओं से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

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