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लखनऊ।
अवध बार एसोसिएशन, हाई कोर्ट लखनऊ की कार्यकारिणी ने ज्वाइंट सेक्रेटरी-1 देवकीनंदन पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए बार की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। एसोसिएशन ने उन्हें संघ की किसी भी बैठक अथवा कार्यक्रम में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है। इसके साथ ही उनके शैक्षिक दस्तावेजों की जांच के लिए मामला बार काउंसिल को संदर्भित किया गया है।
एसोसिएशन की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि देवकीनंदन पांडेय का व्यवहार एसोसिएशन की गरिमा के विपरीत पाया गया है। उनके खिलाफ बार कार्यकारिणी द्वारा गठित जांच समिति की गोपनीय रिपोर्ट को मीडिया में लीक करने और संगठन के भीतर भ्रम फैलाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इतना ही नहीं, ऊपर के केंटीन संचालक को धमकाने से संबंधित एक कथित ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, देवकीनंदन पांडेय की गतिविधियों से न केवल कार्यकारिणी की छवि धूमिल हुई, बल्कि एसोसिएशन का आंतरिक अनुशासन भी प्रभावित हुआ। एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि "ऐसे लोग अब बार के विश्वासपात्र नहीं रह गए हैं। इनके आचरण से कार्यकारिणी की साख पर सवाल उठने लगे थे, जिससे विवश होकर यह कठोर निर्णय लेना पड़ा।"
बार एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए देवकीनंदन पांडेय से उनका पक्ष प्रस्तुत करने के लिए अंतिम अवसर दिया गया है। यदि संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता है, तो उनके विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अवध बार एसोसिएशन का यह निर्णय अधिवक्ता समुदाय में चर्चा का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी घटनाक्रम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
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