रिपोर्ट: ज़हीन ख़ान, लखनऊ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक जाम अब रोज़मर्रा की समस्या बन चुकी है। शहर के प्रमुख इलाकों—अमीनाबाद, चौक, ठाकुरगंज, कचहरी—हर ओर वाहनों की भीड़ और अव्यवस्थित यातायात के चलते लोगों का बहुमूल्य समय बर्बाद हो रहा है।
हर सुबह की जद्दोजहद
- आम आदमी सुबह जैसे ही अपने काम के लिए निकलता है, उसे घंटों ट्रैफिक में फंसना पड़ता है।
- जल्दी पहुंचने की होड़ में लोग ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे जाम की स्थिति और बिगड़ती है।
अतिक्रमण बना बड़ी समस्या
- सड़कों पर अवैध अतिक्रमण ने ट्रैफिक को और जटिल बना दिया है।
- छोटे-बड़े वाहन, विशेषकर बैटरी रिक्शा, मनमर्जी से चलते हैं और ट्रैफिक नियमों का कोई भय नहीं है।
कचहरी और सिविल कोर्ट के पास हालात गंभीर
- सिविल कोर्ट के चारों तरफ लगने वाला जाम इतना भीषण होता है कि एक तरफ जाने में घंटों लग जाते हैं।
- कोर्ट में आने-जाने वाले वकील, कर्मचारी और आम नागरिक इस अव्यवस्था से बेहद परेशान हैं।
प्रशासन पर उठते सवाल
- सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस ट्रैफिक अव्यवस्था का जिम्मेदार कौन है?
- यातायात विभाग की लापरवाही, अतिक्रमण पर सख्ती का अभाव और कानून के डर का न होना समस्या को और बढ़ा रहा है।
अगर प्रशासन समय रहते इस दिशा में कड़े कदम नहीं उठाता, तो राजधानी की सड़कों पर हाल और भी बदतर हो सकता है। ज़रूरत है ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन, अतिक्रमण हटाने और जनजागरूकता की, ताकि राजधानी के लोग राहत की सांस ले सकें।
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