मुख्यमंत्री ने आकांक्षात्मक जनपदों एवं विकासखण्डों की प्रगति की समीक्षा बैठक की, जनभागीदारी, नवाचार और पारदर्शिता को बताया सफलता का मूलमंत्र

लखनऊ, 29 जून 2025 | पत्र सूचना शाखा, उ.प्र.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आकांक्षात्मक जनपदों और विकासखण्डों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी, नवाचार, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन इस अभियान की सफलता की कुंजी है। उन्होंने सभी विभागों से आह्वान किया कि वे सामूहिक समन्वय और ठोस कार्ययोजना के साथ लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने डेटा संग्रहण प्रणाली को और बेहतर करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि विकास की वास्तविक स्थिति का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि निरीक्षण रिपोर्टों के आंकड़ों का विश्लेषण कर योजनाओं की गहन मॉनीटरिंग की जाए।

फील्ड निरीक्षण रिपोर्ट का विश्लेषण

राज्य के 108 आकांक्षात्मक विकासखंडों में:

  • 272 विद्यालय, 301 आंगनबाड़ी केंद्र, 232 स्वास्थ्य इकाइयां, 229 ग्राम सचिवालय और 275 अन्य संस्थानों का निरीक्षण किया गया।
  • 497 एफपीओ (कृषक उत्पादक संगठन) सक्रिय हैं और 6,595 बीसी सखी वित्तीय समावेशन में योगदान कर रही हैं।
  • 106 विकासखंडों ने 'ब्लॉक डेवेलपमेंट स्ट्रेटजी' के तहत अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया है।

नवाचारों की सराहना

  • फतेहपुर में AI आधारित कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर की स्थापना को मुख्यमंत्री ने तकनीकी नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
  • बलरामपुर में ‘माँ पाटेश्वरी पुनर्वास योजना’ के अंतर्गत बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास की व्यवस्था की गई है।
  • चित्रकूट में सभी ग्राम पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए गए हैं।
  • अमेठी में CM फेलो द्वारा 2,198 आयुष्मान कार्ड बनाए गए और 106 आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन मशीनें क्रियाशील कराई गईं।

प्रशंसनीय मॉडल्स और महिलाओं की भागीदारी

  • महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा सौंदर्य प्रसाधन सेवाएं, हस्तकला, जैविक खेती और ग्रामीण पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नवाचार किए गए हैं, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिला है।
  • बलिया के बांसडीह में ऑर्गेनिक नींबू की खेती और निर्यात की पहल की गई है।
  • बाराबंकी के पूरेडलई क्षेत्र में महिलाओं ने ब्यूटी पार्लर के माध्यम से 15 हजार रुपये की मासिक आमदनी सुनिश्चित की है।

मानव संसाधन और सेवा सुधारों पर निर्देश

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आकांक्षात्मक क्षेत्रों में कोई भी महत्वपूर्ण पद रिक्त नहीं रहना चाहिए। जहां रिक्तियां हैं वहां त्वरित नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अतिरिक्त कार्यभार सौंपते समय अधिकारी की व्यावहारिक उपलब्धता अवश्य देखी जाए।

मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि आकांक्षात्मक जनपद एवं विकासखंड राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं और वहां की समस्याओं का समाधान सर्वोपरि है।


जारीकर्ता:
पत्र सूचना शाखा (मुख्यमंत्री सूचना परिसर),
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश।

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