ब्यूरो रिपोर्ट: जहीन खान, उन्नाव
उन्नाव। यूपीएसआईडीसी ट्रांस गंगा सिटी परियोजना से प्रभावित किसानों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ द्वारा पारित आदेश के अनुसार, किसानों को अब तीन माह के भीतर नि:शुल्क विकसित प्लॉट दिए जाएंगे। इस फैसले से किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
ज्ञात हो कि ट्रांस गंगा सिटी परियोजना के तहत करीब 1100 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी, जिसमें क्षेत्र के कई किसानों की कीमती कृषि भूमि चली गई। मुआवजे के साथ-साथ किसानों को आश्वासन दिया गया था कि उन्हें परियोजना क्षेत्र में एक विकसित प्लॉट भी मिलेगा। लेकिन बाद में यूपीएसआईडीसी ने पूरी भूमि यूपीसीडा को बेच दी, जिससे किसानों का यह अधिकार संकट में पड़ गया।
जब किसानों ने अपने हक की मांग की, तो यूपीसीडा ने स्पष्ट रूप से प्लॉट देने से इंकार कर दिया। इस अन्याय के विरुद्ध किसानों शिवनारायण, वसंत मिश्रा एवं अशोक कुमार ने रिट याचिका संख्या 6505/2025 उच्च न्यायालय में दायर की।
18 जुलाई 2025 को पारित आदेश में उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि तीन माह की अवधि में याचिकाकर्ताओं सहित अन्य प्रभावित किसानों को निःशुल्क प्लॉट प्रदान किए जाएं।
इस ऐतिहासिक निर्णय से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। ट्रांस गंगा सिटी के किसानों ने शिवनारायण के संघर्ष और प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही, सभी ने न्यायपालिका के इस न्यायोचित फैसले का स्वागत करते हुए आभार जताया।
यह निर्णय न केवल न्याय की जीत है, बल्कि संघर्षरत किसानों के लिए एक नई उम्मीद और भरोसे का प्रतीक भी बन गया है।
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