सं.सू.
लखनऊ। राजधानी के काकोरी कोतवाली क्षेत्र के डिघिया गांव में शनिवार को जमीन कब्जाने को लेकर बड़ा बवाल हो गया। करोड़ों की कीमती भूमि पर कब्जा जमाने पहुंचे दबंगों ने ट्रैक्टर लगवाकर पिलर गाड़े और चारों ओर कटीले तारों से घेराबंदी शुरू कर दी।
इस जमीन को लेकर मामला पहले से ही सरोजिनी नगर तहसील में विचाराधीन है। उसी केस की पेशी पर किसान पिता-पुत्र तहसील गए थे, तभी दबंगों ने मौके का फायदा उठाकर जबरन जमीन घेरने की कोशिश की।
गोली चलने से फैली दहशत
पीड़ित किसान ने आरोप लगाया कि जब उसके छोटे भाई विरोध करने पहुंचे, तो दबंगों ने दो राउंड हवाई फायरिंग की और जान से मारने की धमकी दी। गोली चलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल फैल गया और अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना पर काकोरी और आसपास के दो थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और दबंगों द्वारा किया जा रहा कब्जा रुकवाया। इसके बाद किसान की तहरीर पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए:
- दोना गांव के प्रधान हत्या आरोपी फरीद,
- बालागंज निवासी रिटायर्ड फौजी व अपहरण आरोपी सुनील सिंह,
सहित लगभग 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
ग्रामीणों में आक्रोश – प्रशासन पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि दबंग लंबे समय से जमीन पर कब्जा करने की फिराक में हैं और आए दिन माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते रहते हैं। दिनदहाड़े फायरिंग से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश है।लेकिन काकोरी पुलिस गोली चलने की बात से इनकार कर रही है।
सोशल मीडिया पर भी यह खबर वायरल हो रही है, जहां लोग पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं कि मुकदमा लंबित होने के बावजूद दबंग इतने बेखौफ कैसे हो गए।
एक सवाल यह उठता है कि वकील क्या अब जबरन कब्जे का ठेका लेने लगे हैं। और जब मुकदमा तहसील में लंबित है ये ये वकील की वेशभूषा में ये कब्ज़ा करने किसकी अनुमति से पहुंचे।
📌 फिलहाल पुलिस ने कब्जा रुकवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
0 Comments